Tuesday, April 7

Natioanal

मनरेगा का सच: सिर्फ 8% परिवारों को ही मिला 100 दिन का काम तीन साल में औसतन 50 दिन का ही रोजगार, सरकारी प्रस्तुति में हुआ खुलासा
Natioanal

मनरेगा का सच: सिर्फ 8% परिवारों को ही मिला 100 दिन का काम तीन साल में औसतन 50 दिन का ही रोजगार, सरकारी प्रस्तुति में हुआ खुलासा

  नई दिल्ली। ग्रामीण भारत को रोजगार की गारंटी देने वाली महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा (MGNREGA) को लेकर एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में मनरेगा के तहत काम करने वाले परिवारों में से 8 प्रतिशत से भी कम को गारंटी वाले 100 दिन का रोजगार मिल सका। यह जानकारी एक सरकारी प्रस्तुति के जरिए संसदीय समिति को दी गई।   प्रेजेंटेशन में बताया गया कि बीते तीन वर्षों में मनरेगा के अंतर्गत काम पाने वाले प्रत्येक परिवार को औसतन सिर्फ 47 से 52 दिन का ही रोजगार मिला, जो योजना के मूल उद्देश्य से काफी कम है।       हर साल घटता-बढ़ता रहा रोजगार   सूत्रों के मुताबिक,   2022-23 में लगभग 6.2 करोड़ परिवारों को काम मिला, लेकिन केवल 36 लाख परिवार (5.8%) ही 100 दिन का रोजगार पा सके। 2023-24 में करीब 6 करोड़ परिवारों में से ...
आज का मौसम: 30 दिसंबर 2025 नए साल का जश्न बिगाड़ सकता है मौसम, भीषण ठंड के साथ बारिश और घने कोहरे का अलर्ट
Natioanal

आज का मौसम: 30 दिसंबर 2025 नए साल का जश्न बिगाड़ सकता है मौसम, भीषण ठंड के साथ बारिश और घने कोहरे का अलर्ट

      नई दिल्ली। साल के आखिरी दिन और नए साल की दहलीज पर खड़ा देश मौसम के दोहरे प्रकोप का सामना करने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस बार न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर मौसम पानी फेर सकता है। उत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, शीतलहर और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।   IMD के मुताबिक 31 दिसंबर की शाम से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 15 से अधिक शहरों में घने से बहुत घने कोहरे का अलर्ट जारी है।       दिल्ली-एनसीआर: कोहरा बना सबसे बड़ी परेशानी   राजधानी दिल्ली और एनसीआर में 30 और 31 दिसंबर को सुबह...
दुश्मन पर निगरानी और प्रहार की क्षमता होगी और मजबूत  भारत ने दो और ‘प्रीडेटर’ ड्रोन की लीज को दी मंजूरी, 79 हजार करोड़ की मेगा रक्षा डील पर मुहर
Natioanal

दुश्मन पर निगरानी और प्रहार की क्षमता होगी और मजबूत भारत ने दो और ‘प्रीडेटर’ ड्रोन की लीज को दी मंजूरी, 79 हजार करोड़ की मेगा रक्षा डील पर मुहर

  नई दिल्ली। भारत ने अपनी सैन्य ताकत और रणनीतिक निगरानी क्षमता को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने करीब 79 हजार करोड़ रुपये की मेगा डिफेंस डील को शुरुआती मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में फ्रांस और इजराइल में बनी अत्याधुनिक मिसाइलों से लेकर ‘मेक इन इंडिया’ कामिकेज ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और दो अतिरिक्त MQ-9B ‘प्रीडेटर’ ड्रोन की लीज शामिल है।   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से मिली यह मंजूरी अब तक की सबसे बड़ी सैन्य आधुनिकीकरण परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह लंबी खरीद प्रक्रिया का पहला और अहम चरण है।   दो और प्रीडेटर ड्रोन, समुद्री निगरानी को मिलेगी धार   DAC ने 1,600 करोड़ रुपये की लागत से दो MQ-9B ‘प्रीडेटर’ हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस ड्रोन को तीन साल के लिए लीज ...
भारत की चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी S4 का समुद्री परीक्षण शुरू  7,000 टन वजनी पनडुब्बी आठ परमाणु-युक्त K-4 मिसाइलों से होगी लैस
Natioanal

भारत की चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी S4 का समुद्री परीक्षण शुरू 7,000 टन वजनी पनडुब्बी आठ परमाणु-युक्त K-4 मिसाइलों से होगी लैस

  नई दिल्ली। भारत की सामरिक समुद्री ताकत को और मजबूती देते हुए अरिहंत श्रेणी की चौथी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी S4 ने अपने समुद्री परीक्षणों की शुरुआत कर दी है। लगभग 7,000 टन वजनी यह अत्याधुनिक पनडुब्बी पिछले सप्ताह विशाखापत्तनम स्थित शिपबिल्डिंग सेंटर (SBC) से समुद्र में उतरी और अब विभिन्न तकनीकी व परिचालन परीक्षणों से गुजर रही है।   S4 (चार-स्टार) पनडुब्बी अरिहंत श्रेणी की अंतिम इकाई है और इसे 3,500 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली आठ परमाणु-युक्त K-4 पनडुब्बी-प्रक्षेपित बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) से लैस किया गया है। इसके शामिल होने से भारत की समुद्री परमाणु निवारक क्षमता को निर्णायक बढ़त मिलेगी।   80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक   S4 की एक बड़ी विशेषता यह है कि इसके 80 प्रतिशत से अधिक उपकरण और प्रणालियां स्वदेशी हैं, जो अब तक की सभी अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियो...
‘चीनी’ और ‘मोमो’ कहकर किया गया अपमान, यह हत्या राष्ट्रीय शर्म की बात  एंजेल चकमा की मौत पर शशि थरूर ने कहा— नस्लवाद पर अब चुप्पी नहीं
Natioanal

‘चीनी’ और ‘मोमो’ कहकर किया गया अपमान, यह हत्या राष्ट्रीय शर्म की बात एंजेल चकमा की मौत पर शशि थरूर ने कहा— नस्लवाद पर अब चुप्पी नहीं

    नई दिल्ली। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की उत्तराखंड में हुई निर्मम हत्या को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि देश की अंतरात्मा पर लगा गहरा दाग बताया है। थरूर ने कहा कि एंजेल चकमा एक गर्वित भारतीय था, लेकिन उसे नस्लीय घृणा का शिकार होना पड़ा। उसे ‘चीनी’ और ‘मोमो’ जैसे अपमानजनक शब्दों से पुकारा गया और अंततः उसकी जान ले ली गई।   शशि थरूर ने कहा कि यह घटना हमारे समाज में गहराते पूर्वाग्रह, अज्ञानता और विविधता को न स्वीकार पाने की मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हिंसा की कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे नस्लीय भेदभाव का खतरनाक परिणाम है।   नॉर्थ-ईस्ट भारत का अभिन्न हिस्सा है   थरूर ने उत्तर भारत में बढ़ते नस्लवाद पर चिंता जतात...
कौन हैं पुरुष आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहान, जो मर्दों के अधिकारों की आवाज़ बनकर आईं सुर्खियों में?
Natioanal

कौन हैं पुरुष आयोग की अध्यक्ष बरखा त्रेहान, जो मर्दों के अधिकारों की आवाज़ बनकर आईं सुर्खियों में?

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर उन्नाव रेप पीड़िता के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में तख्ती लहराई। तख्ती पर लिखा था— “I Support Kuldeep Sengar”। यह महिला कोई और नहीं, बल्कि स्वयं को पुरुष आयोग की अध्यक्ष बताने वाली बरखा त्रेहान थीं। उनके इस कदम से प्रदर्शनकारियों में आक्रोश फैल गया और मौके पर नारेबाज़ी व हल्की झड़प तक की स्थिति बन गई।   इस घटनाक्रम के बाद बरखा त्रेहान अचानक राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गईं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक यह सवाल गूंजने लगा— आखिर कौन हैं बरखा त्रेहान?   पुरुष आयोग की अध्यक्ष होने का दावा   बरखा त्रेहान दिल्ली की रहने वाली हैं और वह खुद को पुरुष आयोग नामक एक एनजीओ की अध्यक्ष बताती हैं। उनके अनुसार यह संगठन पुरुषों के अधिकारों,...
कदम-ताल का शोर, घोड़ों की परेड से उड़ती धूल, ठंड-कोहरे के बीच दिल्ली में बढ़ा गणतंत्र दिवस का जोश
Natioanal

कदम-ताल का शोर, घोड़ों की परेड से उड़ती धूल, ठंड-कोहरे के बीच दिल्ली में बढ़ा गणतंत्र दिवस का जोश

    दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड और प्रदूषण के बीच भी राजधानी का कर्तव्य पथ देशभक्ति के जज्बे से झिलमिला उठा। गणतंत्र दिवस 2026 की परेड की तैयारियों के तहत सशस्त्र बलों के जवानों की रिहर्सल ने सर्द हवाओं और धुएँ की चादर को पीछे छोड़ दिया।   सशस्त्र बलों के जवानों का जोश सवेरे-सवेरे परेड ग्राउंड पर कदमताल, ड्रम की थाप और घोड़ों की परेड से उठती धूल ने शहरवासियों को देशभक्ति का अहसास कराया। वीडियो में देखा जा सकता है कि जवान ठंड और प्रदूषण की परवाह किए बिना अपनी तैयारी में पूरी तरह जुटे हैं। इस बार की परेड में राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां, सशस्त्र बलों के अद्भुत प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी।   दिल्ली का प्रदूषण गंभीर राजधानी में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। विभिन्न इलाकों में रिकॉर्ड किए गए एक्यूआई आंकड़े इस प्रदूषण की गंभीर...
पर्यावरण की रक्षा कैसे होगी? सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस ओका ने समाधान बताया
Natioanal

पर्यावरण की रक्षा कैसे होगी? सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस ओका ने समाधान बताया

    देश वर्तमान में एक गंभीर पर्यावरण संकट से गुजर रहा है। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की हालिया गंभीर स्थिति ने इसे और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय एस ओका ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए हैं और बताया है कि पर्यावरण की सुरक्षा में देश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।   नागरिकों की भूमिका अहम जस्टिस ओका ने कहा, “जब देश का हर नागरिक यह समझ जाएगा कि पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार करना उसका कर्तव्य है, तभी असली बदलाव आएगा। अगर यह जिम्मेदारी केवल कुछ एक्टिविस्ट या अदालतों तक सीमित रह जाएगी, तो समस्या बनी रहेगी।”   अधिकारियों और जजों पर दबाव उन्होंने यह भी कहा कि पर्यावरण की रक्षा के मुद्दों पर काम करने वाले न केवल एक्टिविस्ट बल्कि जज भी निशाना बनते हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण और पंडाल ...
नौसेना युद्ध के लिए तैयार! राष्ट्रपति के साथ आईएनएस वाघशीर की समुद्री यात्रा की जोरदार तस्वीरें
Natioanal

नौसेना युद्ध के लिए तैयार! राष्ट्रपति के साथ आईएनएस वाघशीर की समुद्री यात्रा की जोरदार तस्वीरें

    भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिमी तट पर पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर पर सवार होकर समुद्री यात्रा की। इस दौरान उन्होंने भारतीय नौसेना के ऑपरेशनल प्रदर्शन का अवलोकन किया और चालक दल से बातचीत कर उनकी तत्परता और उत्साह को सराहा। राष्ट्रपति के साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी मौजूद थे।   राष्ट्रपति का संदेश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगंतुक पुस्तिका में लिखा, “आईएनएस वाघशीर पर हमारे नाविकों और अधिकारियों के साथ नौकायन, गोताखोरी और समय बिताना मेरे लिए विशेष अनुभव रहा। इसके चालक दल का अनुशासन, आत्मविश्वास और उत्साह हमें भरोसा दिलाता है कि हमारी नौसेना किसी भी खतरे और चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।”   इतिहास में खास मोड़ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पनडुब्बी में यात्रा करने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले इस श्रेणी की पनडुब्बी ...
प्रधानमंत्री से अपील: एंजेल चकमा की हत्या रोकिए, पूर्वोत्तर के सपनों पर कुठाराघात नहीं होने दें
Natioanal

प्रधानमंत्री से अपील: एंजेल चकमा की हत्या रोकिए, पूर्वोत्तर के सपनों पर कुठाराघात नहीं होने दें

    त्रिपुरा के 24 वर्षीय MBA छात्र एंजेल चकमा की बेरहमी से हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना न केवल एक युवा की जान लेने वाली है, बल्कि देश में नस्लभेदी और पूर्वाग्रह वाली सोच पर भी सवाल खड़े करती है।   क्या हुआ एंजेल चकमा पर कैंटीन में नस्लीय हमला हुआ था। 17 दिनों तक देहरादून के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद एंजेल ने दम तोड़ा। उनके पिता, तरुण चकमा, जो BSF में तैनात हैं, ने बताया कि एंजेल आखिरी वक्त तक यही कहते रहे कि “मैं इंडियन हूं, चाइनीज नहीं।”   पूर्वोत्तर के छात्र संघ की प्रतिक्रिया त्रिपुरा स्वदेशी छात्र संघ के अध्यक्ष सजरा देबबर्मा ने कहा, “एंजेल की मृत्यु सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर के सभी लोगों की है। दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। यदि सरकार पूर्वोत्तर के लोगों को सम्मान और सुरक्षा नह...