Sunday, January 11

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भारत-फ्रांस राफेल डील के करीब, वायुसेना को मिल सकते हैं 114 आधुनिक लड़ाकू विमान
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भारत-फ्रांस राफेल डील के करीब, वायुसेना को मिल सकते हैं 114 आधुनिक लड़ाकू विमान

नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच एक बड़ी रक्षा डील के रास्ते साफ होते दिख रहे हैं, जिसके तहत भारतीय वायुसेना को राफेल लड़ाकू जेट विमानों की कमी पूरी होने की संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के अगले महीने भारत दौरे से पहले इस डील को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने पहले ही सरकार-से-सरकार (G2G) समझौते के तहत बड़ी संख्या में राफेल विमानों की खरीद का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। इस डील की खासियत यह है कि खरीदे जाने वाले विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। हालांकि, विमानों की अंतिम संख्या पर अभी बातचीत जारी है, लेकिन वायुसेना की प्राथमिक जरूरत कम से कम 114 आधुनिक लड़ाकू विमानों की बताई जा रही है। राफेल विमानों की इस खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद से औपचारिक मंजूरी आवश्यक होगी। इसके बाद कीमतों पर बातचीत होगी और...
‘मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं, नेहरू की गलतियों को स्वीकारना जरूरी’: शशि थरूर का बड़ा बयान
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‘मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी नहीं, नेहरू की गलतियों को स्वीकारना जरूरी’: शशि थरूर का बड़ा बयान

  नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। थरूर ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक माना जाना चाहिए, लेकिन उनकी गलतियों को भी स्वीकार करना जरूरी है।   थरूर ने स्पष्ट किया, “मैं नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन अंधा प्रशंसक नहीं। उनके विचारों और नीतियों का सम्मान करता हूं, हालांकि सभी से 100 प्रतिशत सहमत नहीं हो सकता। नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया। उनकी कई उपलब्धियां सराहनीय हैं। इसका मतलब यह नहीं कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं। नेहरू को आजकल सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।”   1962 की हार पर बोले थरूर   थरूर ने 1962 के भारत-चीन युद्ध का भी उल्लेख किया और कहा कि वर्तमान सरकार क...
राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला: “डबल इंजन सरकारों ने जनता की जिंदगी तबाह कर दी”
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राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला: “डबल इंजन सरकारों ने जनता की जिंदगी तबाह कर दी”

    नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देशभर में भ्रष्ट बीजेपी की डबल इंजन सरकारों ने आम जनता की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार BJP की राजनीति में ऊपर से नीचे तक फैल चुका है।   जनता के लिए “विकास” नहीं, तबाही   राहुल गांधी ने कहा, “इनकी प्रणाली में गरीब, असहाय, मजदूर और मध्यमवर्ग की जिंदगी सिर्फ आंकड़ा है। ‘विकास’ के नाम पर वसूली का तंत्र चल रहा है।” उन्होंने उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या का हवाला देते हुए पूछा, “सत्ता का संरक्षण BJP के किस VIP को बचा रहा है? कानून सबके लिए बराबर कब होगा?”   उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड, इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतें, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली में दूषित...
परिंदों पर भी नजर: भारतीय सेना को मिलेंगे स्वदेशी सोलर ड्रोन, कई गुना बढ़ेगी सर्विलांस क्षमता
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परिंदों पर भी नजर: भारतीय सेना को मिलेंगे स्वदेशी सोलर ड्रोन, कई गुना बढ़ेगी सर्विलांस क्षमता

    नई दिल्ली: आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना अपनी निगरानी और खुफिया क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। इसी दिशा में अब सेना को स्वदेशी सोलर पावर्ड ड्रोन मिलने जा रहे हैं, जो सीमाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत यह सौदा एक भारतीय स्टार्टअप कंपनी के साथ किया जा रहा है।   मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (NRT) को भारतीय सेना ने करीब 168 करोड़ रुपये के सोलर ड्रोन का ऑर्डर दिया है। ये ड्रोन सौर ऊर्जा से संचालित होंगे और खास तौर पर सर्विलांस के लिए तैयार किए गए हैं। सेना इन ड्रोन के जरिए उत्तर, पूर्वोत्तर और पश्चिमी सीमाओं पर अपनी निगरानी क्षमता को कई गुना बढ़ाने की तैयारी में है।   मध्यम ऊंचाई पर लगातार निगरानी की क्षमता   भारतीय...
दिल्ली मस्जिद विवाद: बीजेपी ने विपक्ष को ‘रावलपिंडी गठबंधन’ करार दिया, दुष्प्रचार को बताया सोची-समझी साजिश
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दिल्ली मस्जिद विवाद: बीजेपी ने विपक्ष को ‘रावलपिंडी गठबंधन’ करार दिया, दुष्प्रचार को बताया सोची-समझी साजिश

  नई दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हाल ही में नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि इस अभियान में मस्जिद को कोई नुकसान पहुंचा।   भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई थी, जिसका मकसद मस्जिद के आसपास बने अवैध व्यावसायिक ढांचों—जैसे डायग्नोस्टिक सेंटर और वेडिंग हॉल—को हटाना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि मस्जिद का ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई क्षति नहीं पहुंची।   पूनावाला ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल और पाकिस्तान एक ही सुर में हैं। उन्होंने कहा, “यह अब साफ हो गया है कि कानूनी कार्रवाई को धार्मिक ढांचे पर हमला दिखाने के लिए जानबूझकर झूठ फैलाया गया। यह...
आई-पैक ईडी रेड: शाह के कार्यालय के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा हिरासत में
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आई-पैक ईडी रेड: शाह के कार्यालय के बाहर TMC सांसदों का प्रदर्शन, डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा हिरासत में

    कोलकाता/नई दिल्ली: कोलकाता में आई-पैक कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि ईडी ने इस छापे का इस्तेमाल पार्टी की चुनावी रणनीति, उम्मीदवारों की सूची, अंदरूनी डेटा और वित्तीय दस्तावेजों को जब्त करने के लिए किया।   गुरुवार को कोलकाता में कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी, जिनमें आई-पैक कंपनी के कार्यालय भी शामिल थे। यह कंपनी तृणमूल कांग्रेस के चुनावी अभियान की योजना और प्रबंधन संभाल रही है। छापेमारी के बाद बंगाल में राजनीतिक तापमान बढ़ गया और इसका असर दिल्ली तक दिखाई दिया।   शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के आठ सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में ल...
अनजाने में भी पालतू कुत्ता पड़ोसी पर हमला करे तो वह क्राइम है: सुप्रीम कोर्ट
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अनजाने में भी पालतू कुत्ता पड़ोसी पर हमला करे तो वह क्राइम है: सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने पालतू कुत्तों के मामलों पर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अनजाने में भी यदि कोई पालतू कुत्ता किसी पड़ोसी पर हमला करता है, तो यह अपराध माना जाएगा। साथ ही अदालत ने एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) के कमजोर अमल पर नाराजगी जताई और ग्राम पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम की जिम्मेदारी पर जोर दिया।   सुनवाई में वरिष्ठ वकीलों सी. यू. सिंह, कृष्णन वेणुगोपाल, ध्रुव मेहता और अन्य ने दलीलें पेश कीं। एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल ने बताया कि चार राज्यों ने हाल ही में इस मामले में अपने अनुपालन हलफनामा दाखिल किए हैं। दिल्ली जैसे शहरों में चूहों और बंदरों की बढ़ती समस्या के बीच कुत्तों को हटाने के नकारात्मक परिणाम भी सामने आएंगे।   कोर्ट ने आईआईटी दिल्ली मॉडल का हवाला दिया, जहां युद्धस्तर पर कुत्तों का स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन किया गया, जिसस...
‘लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना’, अपने ‘हनुमान’ जयशंकर को पीएम मोदी ने यूं दी जन्मदिन की बधाई
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‘लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना’, अपने ‘हनुमान’ जयशंकर को पीएम मोदी ने यूं दी जन्मदिन की बधाई

    नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने लिखा, "डॉ. एस. जयशंकर जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। उन्होंने एक बेहतरीन राजनयिक के तौर पर देश की सेवा की है। अब वे भारत की विदेश नीति और दुनिया के साथ रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हम उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।"   जयशंकर को प्रधानमंत्री मोदी का एक भरोसेमंद राजनयिक माना जाता है। विदेश मंत्री बनने से पहले, वह भारत के विदेश सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके अनुभव और समझदारी से भारत की विदेश नीति को नई दिशा मिली है और उन्होंने देश को एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  ...
अमेरिका का ‘स्वदेशी’ इलाज करने जा रहा भारत, CEA ने ट्रंप को दी कड़वी सलाह
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अमेरिका का ‘स्वदेशी’ इलाज करने जा रहा भारत, CEA ने ट्रंप को दी कड़वी सलाह

    नई दिल्ली: अमेरिका की टैरिफ धमकियों और वैश्विक सप्लाई चेन के दबावों के बीच भारत अब आत्मनिर्भर और स्वदेशी उत्पादों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने 5 प्रमुख स्वदेशी क्लस्टरों के विकास की योजना बनाई है, ताकि देश की रणनीतिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो।   नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक व्यापार अब आपसी भरोसे पर आधारित नहीं रहा। अमेरिका के टैरिफ, चीन की एक्सपोर्ट लाइसेंसिंग और यूरोपीय यूनियन के कार्बन सीमा उपाय जैसे कदम भारत के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में स्वदेशीकरण को ‘पॉलिसी इंस्ट्रूमेंट’ के रूप में अपनाना जरूरी है।   स्वदेशीकरण के पांच प्रमुख क्लस्टर इनमें सेमीकंडक्टर्स और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्रमुख हैं, जहां भारत को रणनीतिक अंतराल को भरने की आवश्यकता है। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पावर इलेक्ट्...
बिलकुल! आपके दिए लेख को समाचार पत्र शैली में प्रवासी (प्रकाशनीय) रूप में इस तरह लिखा जा सकता है:  —  **उपसभापति क्यों नहीं कर सकते राज्यसभा के सभापति के कार्य? SC ने पूछा सवाल** *अभिषेक पाण्डेय, नवभारत टाइम्स, 9 जनवरी 2026*  नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार जांच कर रहे संसदीय पैनल की वैधता को चुनौती दी थी।  जस्टिस दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली बेंच ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति उनके कार्य कर सकते हैं, तो राज्यसभा के सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति उनके कार्य क्यों नहीं कर सकते।  जस्टिस वर्मा की ओर से मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम केवल लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार देता है। उपसभापति को यह अधिकार नहीं है। हालांकि, उपसभापति सामान्य कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं।  कोर्ट ने अधिनियम की परिभाषा संबंधी धाराओं पर गौर करते हुए कहा कि ‘जब तक संदर्भ अन्यथा न हो’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे उपसभापति की भूमिका पर बहस खुली रहती है।  **जस्टिस वर्मा केस का विवरण** 14-15 मार्च 2025 की रात दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में आग लगने के दौरान फायर सर्विस ने स्टोर रूम से जले हुए नोटों की गड्डियां बरामद की थीं। उस समय जस्टिस वर्मा बंगले में नहीं थे। जांच में यह कैश अनएकाउंटेड पाया गया।  इस घटना के एक हफ्ते बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां फिलहाल कोई न्यायिक कार्य उन्हें सौंपा नहीं गया है।  —  अगर चाहो, मैं इसे **और भी समाचार पत्र के हेडलाइन-फोकस्ड और संक्षिप्त संस्करण** में बदल सकता हूँ, जो पेज पर अधिक आकर्षक लगे। क्या मैं वह भी तैयार कर दूँ?
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बिलकुल! आपके दिए लेख को समाचार पत्र शैली में प्रवासी (प्रकाशनीय) रूप में इस तरह लिखा जा सकता है: — **उपसभापति क्यों नहीं कर सकते राज्यसभा के सभापति के कार्य? SC ने पूछा सवाल** *अभिषेक पाण्डेय, नवभारत टाइम्स, 9 जनवरी 2026* नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार जांच कर रहे संसदीय पैनल की वैधता को चुनौती दी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली बेंच ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति उनके कार्य कर सकते हैं, तो राज्यसभा के सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति उनके कार्य क्यों नहीं कर सकते। जस्टिस वर्मा की ओर से मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम केवल लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार देता है। उपसभापति को यह अधिकार नहीं है। हालांकि, उपसभापति सामान्य कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं। कोर्ट ने अधिनियम की परिभाषा संबंधी धाराओं पर गौर करते हुए कहा कि ‘जब तक संदर्भ अन्यथा न हो’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे उपसभापति की भूमिका पर बहस खुली रहती है। **जस्टिस वर्मा केस का विवरण** 14-15 मार्च 2025 की रात दिल्ली स्थित सरकारी बंगले में आग लगने के दौरान फायर सर्विस ने स्टोर रूम से जले हुए नोटों की गड्डियां बरामद की थीं। उस समय जस्टिस वर्मा बंगले में नहीं थे। जांच में यह कैश अनएकाउंटेड पाया गया। इस घटना के एक हफ्ते बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां फिलहाल कोई न्यायिक कार्य उन्हें सौंपा नहीं गया है। — अगर चाहो, मैं इसे **और भी समाचार पत्र के हेडलाइन-फोकस्ड और संक्षिप्त संस्करण** में बदल सकता हूँ, जो पेज पर अधिक आकर्षक लगे। क्या मैं वह भी तैयार कर दूँ?

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार जांच कर रहे संसदीय पैनल की वैधता को चुनौती दी थी।   जस्टिस दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली बेंच ने सवाल उठाया कि अगर राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति उनके कार्य कर सकते हैं, तो राज्यसभा के सभापति की अनुपस्थिति में उपसभापति उनके कार्य क्यों नहीं कर सकते।   जस्टिस वर्मा की ओर से मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम केवल लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति को महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार देता है। उपसभापति को यह अधिकार नहीं है। हालांकि, उपसभापति सामान्य कर्तव्यों का निर्वहन कर सकते हैं।   कोर्ट ने अधिनियम की परिभाषा संबंधी धाराओं पर गौर करते हुए कहा कि 'जब तक संदर्भ अन्यथा न हो' जैसे शब...