Thursday, February 5

‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता 140 करोड़ भारतीय हैं’: रूस से तेल खरीद रोकने के ट्रंप दावे पर भारत की पहली प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह दावा किए जाने के बाद कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने के लिए तैयार हो गया है, भारत ने इस पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी 140 करोड़ जनता की ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और तेल खरीद के सभी फैसले वाणिज्यिक रूप से उपयुक्तता के आधार पर ही लिए जाते हैं।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जहां तक भारत की ऊर्जा सुरक्षा का सवाल है, सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हमारी जनता की ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और बदलते परिदृश्य के अनुसार ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा है। हमारे सभी निर्णय इसी को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं और भविष्य में भी लिए जाते रहेंगे।”

ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा के बाद अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करने और इसके बजाय वेनेजुएला तथा अमेरिका से अधिक से अधिक तेल खरीदने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप का यह दावा यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने और वहां के मानवीय संकट को कम करने से भी जोड़कर किया गया।

हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया कि रूस से तेल खरीद बंद करने की कोई पुष्टि नहीं की गई है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत वेनेजुएला सहित अन्य देशों से तेल खरीदने के लिए तैयार है, लेकिन यह केवल वाणिज्यिक दृष्टि से उपयुक्त होने पर ही संभव होगा। प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, “भारत और वेनेजुएला के बीच पुराने साझेदारी संबंध हैं। हम वाणिज्यिक दृष्टि से लाभकारी अवसरों पर ही किसी भी देश से तेल खरीदारी करेंगे।”

रूस ने भी भारत की ओर से अभी तक तेल खरीदारी बंद करने का कोई संदेश प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी है। क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “हम अमेरिका-भारत द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान करते हैं, लेकिन रूस और भारत के बीच विकसित रणनीतिक साझेदारी हमारे लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और हम इसे और आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं।”

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