
नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण विपक्षी हंगामा और नारेबाजी के कारण रद्द कर दिया गया। इसके बाद सदन को स्थगित करना पड़ा। इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी को लेकर तीखा हमला बोला।
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार विपक्ष के उठाए गए मुद्दों से बच रही है। उन्होंने सवाल उठाया, “वे किस बात से डर रहे हैं – किसी किताब से कुछ कोट होने से, या वे एपस्टीन फाइलों से डर रहे हैं? या फिर हम उनसे भारत-अमेरिका डील और किसानों पर उसके प्रभाव के बारे में सवाल करेंगे?” प्रियंका गांधी ने यह टिप्पणी उन रिपोर्ट्स के संदर्भ में की जिसमें पीएम मोदी और इजरायल की आधिकारिक यात्राओं का ज़िक्र था। हालांकि, सरकार ने इन दावों को बेबुनियाद और घटिया बताकर खारिज किया है।
प्रियंका गांधी ने राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को ‘नासमझ’ कहा था। प्रियंका ने कहा कि विपक्षी नेताओं को संसद में खुलकर बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
इससे पहले गुरुवार को संसद सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। राज्यसभा में लगातार रुकावटें और लोकसभा में पीएम मोदी के भाषण रद्द करने को लेकर बहस तेज रही। जेपी नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर कार्यवाही रोकी और कहा, “आपने सदन को काम नहीं करने दिया। लोकतंत्र खतरे में है। पार्टी को किसी नासमझ बच्चे का बंधक नहीं बनने देना चाहिए।”