महंगाई से लड़ने के लिए खर्च में कटौती नहीं है उपाय, कमाई बढ़ाइए और मौजा ही मौजा
आज के दौर में हर व्यक्ति महंगाई (Inflation) से परेशान है। घर-गृहस्थी के सामान महंगे हो गए हैं, किराया बढ़ा है और रोजमर्रा के खर्चों में लगातार वृद्धि हो रही है। आमदनी बढ़ने की रफ़्तार महंगाई की तुलना में धीमी है। ऐसे में ज्यादातर लोग अपने खर्चों में कटौती करके पैसे बचाने की कोशिश करते हैं।
खर्च कटौती का तरीका बेकार?
चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक का कहना है कि सिर्फ खर्च कम करना महंगाई से निपटने का असरदार उपाय नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि यह तरीका ज़्यादातर मामलों में नुकसानदेह साबित होता है। उनका कहना है कि महंगाई कोई अस्थायी समस्या नहीं है, बल्कि यह सिस्टम का हिस्सा है। पिछले तीन साल में रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम करीब 20 फीसदी बढ़ चुके हैं।
अलग रणनीति अपनाएं
सीए नितिन कौशिक ने इसे आसान उदाहरण से समझाया। मान लीजिए...










