
नई दिल्ली: बजट 2026 के आने में अब केवल दो दिन बचे हैं और देश की फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियां केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपने मुद्दों पर ध्यान देने की मांग कर रही हैं। कंपनियों का कहना है कि सरकार को टैक्स में और कटौती करनी चाहिए और आम आदमी की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इससे उपभोक्ताओं की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी और बाजार में खपत को प्रोत्साहन मिलेगा।
कीमतों में उतार–चढ़ाव से राहत की उम्मीद
FMCG कंपनियां बजट में ऐसे उपायों की मांग कर रही हैं जो घरेलू उद्योगों को कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचा सकें। कंपनियों को उम्मीद है कि सरकार ऐसी नीतियां बनाएगी जिससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेहतर पहुंच मिले और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में स्थिरता बनी रहे।
ग्रामीण और छोटे शहरों में बढ़ती खपत
पारले प्रोडक्ट्स के वाइस प्रेसिडेंट मयंक शाह के अनुसार, एफएमसीजी की बिक्री अब छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को बजट में उपाय करने चाहिए जिससे इन क्षेत्रों में लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़े। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन लागत स्थिर रखने वाली योजनाओं पर ध्यान देने की भी आवश्यकता है। इससे कंपनियां अपनी लागत उपभोक्ताओं पर डाले बिना प्रबंधित कर सकेंगी।
GST में कटौती की मांग
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के एमडी और सीईओ सुधीर सीतापति का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण FMCG प्रोडक्ट्स पर अभी भी 18% GST लागू है। इनमें होम केयर प्रोडक्ट्स भी शामिल हैं। इन पर GST की दर घटाकर 5% करने से मांग में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं की पहुंच बढ़ेगी।
वैश्विक बाजार में भारतीय कंपनियों की मदद
डीएस ग्रुप के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा, “सरकार द्वारा प्रदान की गई टैक्स राहत ने उपभोक्ता मांग में सुधार और मजबूत पुनरुद्धार में मदद की है। बजट 2026 में उपभोग-संचालित नीतियों और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को मजबूत करने वाले उपाय किए जाएं। इससे ग्रामीण उत्पादन और खपत बढ़ेगी और भारतीय कंपनियां वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकेंगी।”
FMCG बाजार में रिकवरी के संकेत
बीते सितंबर में कई FMCG प्रोडक्ट्स पर GST दर कम किए जाने से सेक्टर में सुधार के शुरुआती संकेत मिले। डाबर ने तिमाही रिपोर्ट में कहा कि GST में बदलाव के बाद शहरी और ग्रामीण बाजारों में उपभोक्ता भावना बेहतर हुई। बिज़ोम के अनुसार, दिसंबर तिमाही में पड़ोस की दुकानों पर ऑर्डर 6.9% बढ़े, जो पिछले साल की 3.1% वृद्धि से दोगुना से अधिक है। मैरिको ने भी दिसंबर तिमाही में साल-दर-साल वॉल्यूम ग्रोथ में सुधार दर्ज किया और आने वाले महीनों में खपत में वृद्धि की उम्मीद जताई।