10 महीने जेल के बाद प्रशासन में वापसी: बिहार सरकार ने IAS संजीव हंस को सौंपी नई जिम्मेदारी
पटना। बिहार कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी संजीव हंस एक बार फिर प्रशासनिक सेवा में लौट आए हैं। गैंगरेप जैसे गंभीर आरोपों और आय से अधिक संपत्ति के मामले में करीब 10 महीने तक जेल में रहने के बाद राज्य सरकार ने उनका निलंबन समाप्त कर दिया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, संजीव हंस को राजस्व परिषद का अपर सदस्य नियुक्त किया गया है।
विवादों से रहा है गहरा नाता
1997 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव हंस लंबे समय से विवादों में रहे हैं। एक महिला द्वारा लगाए गए गैंगरेप के आरोपों ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी। इसके अलावा ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव रहते हुए उन पर आय से अधिक संपत्ति और प्रीपेड स्मार्ट मीटर टेंडर में भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले की जांच के बाद अक्टूबर 2024 में उन्हें गिरफ्तार क...










