तेजस्वी यादव की ‘समीक्षा बैठक’ पर सवाल, विधायक नदारद—तो फिर मकसद क्या था?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समीक्षा बैठक तो की, लेकिन यह बैठक समाधान से ज़्यादा सवाल छोड़ गई। राजनीतिक गलियारों में जहां इस बैठक से जवाबदेही तय होने और भीतरघातियों पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी, वहीं हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद को ‘समीक्षात्मक’ बताने वाली इस बैठक में पार्टी के एक भी विधायक शामिल नहीं थे। जबकि एनडीए के नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 18 विधायक उनके संपर्क में हैं। ऐसे समय में विधायकों से दूरी ने तेजस्वी यादव की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायकों के बिना समीक्षा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर बैठक का उद्देश्य चुनावी हार की समीक्षा था, तो सबसे अहम भूमिका निभाने वाले विधायकों को बाहर रखना समझ से...









