
पटना। ‘मिनी विधानसभा’ के नाम से मशहूर पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2025-26 का बिगुल बज चुका है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव समेत विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे और किसी भी प्रकार की हिंसा या आचार संहिता उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अध्यक्ष पद पर 11 दावेदार, मुकाबला रोचक
जारी सूची के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए कुल 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अभिषेक कुमार, आंचल कुमार, अनुष्का कुमारी, दिव्या कुमारी, गीता कुमारी, प्रिंस कुमार, रिंकल यादव, सबा आफरीन, संटु कुमार, शांतनु शेखर और शिव कुमार शामिल हैं।
उपाध्यक्ष पद के लिए 8, महासचिव के लिए 9, संयुक्त सचिव के लिए 6 और कोषाध्यक्ष पद के लिए 7 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। सेंट्रल पैनल में कुल 41 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि परिषद सदस्य पद के लिए 34 उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है।
चुनावी शेड्यूल: कब थमेगा प्रचार, कब पड़ेगा वोट?
26 फरवरी 2026, शाम 4:30 बजे: चुनाव प्रचार समाप्त
28 फरवरी 2026, सुबह 8:30 से दोपहर 2:30 बजे तक: मतदान
28 फरवरी 2026, शाम से देर रात तक: मतगणना और परिणाम घोषणा
मतगणना का केंद्र: पटना आर्ट कॉलेज
प्रशासन ने सभी उम्मीदवारों को ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रत्याशियों के लिए सख्त नियम
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी उम्मीदवारों से विशेष शपथ पत्र लिया गया है। इसमें उन्होंने परिसर में हिंसा की निंदा करने और समर्थकों को अनुशासित रखने का वचन दिया है।
उम्मीदवारों ने यह भी लिखित में दिया है कि अब तक उन्होंने प्रचार पर कोई राशि खर्च नहीं की है। नियमों के उल्लंघन पर उम्मीदवारी रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
विभिन्न संकायों में भी जोरदार मुकाबला
फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज के लिए 4, सोशल साइंस के लिए 6 और साइंस कॉलेज के लिए 4 उम्मीदवार मैदान में हैं। पटना वीमेंस कॉलेज से परिषद सदस्य पद के लिए 7 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वाणिज्य महाविद्यालय और बीएन कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों में भी चुनावी सरगर्मी चरम पर है।
प्रशासन की सख्ती, छात्रों में उत्साह
एक समय चुनाव टलने की आशंका भी जताई जा रही थी, लेकिन अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
छात्र संगठनों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। कैंपस में पोस्टर, नुक्कड़ सभाएं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है।
