
पटना: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने एनडीए में हलचल बढ़ा दी है। चिराग पासवान के पारिवारिक दावेदारी को फिलहाल पीछे रखने के बाद, केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने अपने लिए ‘एक राज्यसभा सीट’ की दावेदारी ठोक दी। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा भी दिल्ली में अंतिम फैसले की ओर अपनी नजरें गड़े हुए हैं।
मांझी ने किया वादों की याद दिलाई
मीडिया से बातचीत में जीतनराम मांझी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय उन्हें दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट का आश्वासन मिला था। उन्होंने यह साफ किया कि वे कोई मांग नहीं कर रहे, बल्कि गठबंधन के दौरान मिले आश्वासन की याद दिला रहे हैं। मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चिराग पासवान ने अपनी मां को राज्यसभा भेजने की अटकलों पर विराम लगा दिया है।
पांचवीं सीट का रोमांच
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों में से बीजेपी और जेडीयू की दो-दो सीटें पक्की हैं। पांचवीं सीट के लिए एनडीए को 3 विधायकों की जरूरत है, जबकि महागठबंधन को 6 विधायकों की जरूरत होगी। इसमें AIMIM के 5 और BSP के 1 विधायक किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।
कुशवाहा की दावेदारी
उपेंद्र कुशवाहा भी इस सीट पर अपनी उम्मीद लगाए बैठे हैं। सूत्रों के अनुसार, एनडीए के भीतर 2 बीजेपी, 2 जेडीयू और 1 सहयोगी दल को सीट देने के फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। इस एक ‘सहयोगी सीट’ के लिए HAM, लोजपा और RLM के बीच कड़ा मुकाबला है।
महागठबंधन की चुनौती
महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। अगर उन्हें AIMIM और BSP का समर्थन मिल जाता है, तो तेजस्वी यादव पांचवीं सीट जीत सकते हैं। एनडीए के पास वर्तमान में 202 विधायक हैं, जिससे चार सीटें आसानी से पक्की हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए उन्हें 205 का आंकड़ा चाहिए।
कार्यकाल पूरा होने वाले सांसद
इस चुनाव में जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शामिल हैं:
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जेडीयू: रामनाथ ठाकुर, हरिवंश नारायण सिंह
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राष्ट्रीय लोक मोर्चा: उपेंद्र कुशवाहा
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राजद: प्रेमचंद्र गुप्ता, अमरेंद्रधारी सिंह
एनडीए और महागठबंधन दोनों ही पांचवीं सीट के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जिससे बिहार राज्यसभा चुनाव का रोमांच अभी अपने चरम पर है।
