
इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर बहावलपुर पहुंचे और वहां सैन्य ड्रोन का परीक्षण किया। बहावलपुर भारत की सीमा से मात्र 70-80 किलोमीटर दूर है और यह वही क्षेत्र है जहाँ भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भयानक हमले किए थे। इस हमले में पंजाब के बहावलपुर शहर के पास अहमदपुर शरकिया के मस्जिद कंपाउंड को निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम 5 आतंकवादी मारे गए थे।
असीम मुनीर का यह दौरा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान की सशस्त्र बलों की तकनीकी और ऑपरेशनल तैयारियों का स्पष्ट प्रदर्शन करता है।
ड्रोन और मल्टी-डोमेन युद्ध की तैयारियाँ
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ISPR ने बताया कि असीम मुनीर ने बहावलपुर गैरीसन का दौरा किया और वहां के ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और प्रशासनिक मामलों की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से मल्टी-डोमेन युद्ध की तैयारियों पर जोर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, असीम मुनीर ने खैरपुर तमेवाली में हाई-इंटेंसिटी फील्ड एक्सरसाइज “स्टेडफास्ट रिजॉल्व” का जायजा लिया। इस अभ्यास में मानवरहित हवाई सिस्टम (ड्रोन), एडवांस्ड सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण और आधुनिक कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम का समन्वित उपयोग किया गया।
इस दौरान उन्होंने सैनिकों की पेशेवर क्षमता और ऑपरेशनल तैयारियों की प्रशंसा की और सभी खतरों के खिलाफ पाकिस्तान की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सशस्त्र बलों के संकल्प को दोहराया।
असीम मुनीर का संदेश
असीम मुनीर ने अपने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान सशस्त्र बल तकनीकी उन्नति के कारण महत्वपूर्ण बदलाव से गुजर रहे हैं और भविष्य के युद्ध पारंपरिक से अधिक तकनीक आधारित होंगे। उनका कहना था कि भविष्य में आक्रामक और रक्षात्मक ऑपरेशंस का स्वरूप मौलिक रूप से बदल जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर की याद
आपको याद दिला दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने बहावलपुर में सबसे भयानक हमला किया था। पंजाब के बहावलपुर के अहमदपुर शरकिया में मस्जिद कंपाउंड को निशाना बनाया गया, जिसमें आतंकियों की संख्या में भारी कमी आई। भारत ने इस ऑपरेशन में कुल 9 ठिकानों पर हमले किए थे और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया था।
इस दौरे और ड्रोन परीक्षण से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी सीमावर्ती तैयारियों को और मजबूत कर रहा है और भविष्य के संभावित संघर्षों में तकनीक पर आधारित युद्ध प्रणाली के लिए कदम उठा रहा है।