Thursday, January 29

भारत-यूरोपीय संघ ट्रेड डील: पीएम मोदी ने 27 देशों को बहुभाषी संदेश के जरिए साधा

 

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील के बाद अपनी रणनीति और कूटनीतिक चतुराई का परिचय दिया। उन्होंने इस उपलब्धि को केवल आर्थिक दस्तावेज तक सीमित नहीं रखा, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए 24 भाषाओं में पोस्ट कर 27 देशों में लाखों लोगों तक संदेश पहुँचाया। भू-राजनीतिक विशेषज्ञ इसे पीएम मोदी का बहुभाषी मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम ने व्यापार समझौते को सांस्कृतिक जुड़ाव और व्यक्तिगत हैंडशेक में बदल दिया। प्रोफेसर मारियोस ने कहा कि मोदी ने भाषाई विविधता अपनाकर यह सुनिश्चित किया कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया न रहे, बल्कि यह मानवीय और व्यक्तिगत जुड़ाव जैसा महसूस हो।

 

यह ट्रेड डील अमेरिका के बढ़ते दबाव के बीच हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बदलती नीतियों ने वैश्विक व्यापार पर असर डाला है। भारत जहां अमेरिका के एकतरफा दबाव और उच्च टैरिफ के प्रभाव में रहा, वहीं यूरोपीय संघ भी अमेरिका की नीतियों के चलते जुझ रहा था। ऐसे में यह डील भारत की यूरोप में बढ़ती सक्रियता और आर्थिक कूटनीति का प्रतीक बन गई है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने डील के बाद यूरोपीय संघ के 27 देशों को उनकी-अपनी भाषाओं में धन्यवाद दिया। यह पहल न केवल कूटनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है, बल्कि व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का भी एक अनोखा उदाहरण है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बहुभाषी संदेश ने भारत की वैश्विक छवि को निखारा और यह दिखाया कि कूटनीति सिर्फ दस्तावेजों या बैठक तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों तक पहुंचाने की कला भी है।

 

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