Saturday, June 13

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जेल में बंद इमरान खान की आंखों की रोशनी पर खतरा, PTI ने जताई गंभीर चिंता

 

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि जेल में बंद इमरान खान की आंखों की रोशनी स्थायी रूप से जा सकती है। PTI का आरोप है कि समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार न मिलने के कारण उनकी आंखों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

 

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और वर्तमान में अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में रावलपिंडी की अदियाला जेल में निरुद्ध हैं। उन पर विभिन्न मामलों में कुल मिलाकर 60 वर्ष से अधिक की सजा सुनाई जा चुकी है।

 

स्वास्थ्य लगातार बिगड़ने का दावा

 

आदियाला जेल के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पिछले कुछ महीनों से इमरान खान की तबीयत लगातार खराब हो रही है। हाल ही में भारी दबाव और विरोध के बाद उन्हें परिवार से मिलने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके बाद फिर से उनसे किसी भी तरह के संपर्क पर रोक लगा दी गई। बीते 100 दिनों से न तो उनके परिवार को और न ही उनके वकीलों को उनसे मिलने दिया गया है।

 

आंखों में गंभीर संक्रमण की आशंका

 

सूत्रों के अनुसार, इमरान खान की आंखों में गंभीर संक्रमण और एलर्जी की समस्या है, जो रावलपिंडी की कड़ाके की ठंड और पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण और बढ़ गई। हाल ही में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) की डॉक्टरों की टीम ने जेल में उनकी जांच की।

 

डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि इमरान खान को सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन नामक गंभीर नेत्र रोग हो सकता है, जो समय पर इलाज न मिलने की स्थिति में आंखों की रोशनी छीन सकता है। जेल प्रशासन का दावा है कि इलाज जारी है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जेल के भीतर उन्नत उपचार की सुविधाएं सीमित हैं।

 

31 जनवरी को फिर होगी जांच

 

बताया गया है कि 31 जनवरी को डॉक्टरों की एक और टीम इमरान खान की आंखों की दोबारा जांच करेगी। हालांकि PTI नेताओं का कहना है कि यदि उन्हें जल्द किसी विशेष अस्पताल में समुचित इलाज नहीं मिला, तो उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा बना रहेगा।

 

PTI का आरोप

 

ब्रिटिश अख़बार द इंडिपेंडेंट से बातचीत में PTI के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सैयद जुल्फिकार बुखारी ने कहा कि इमरान खान की स्थिति “दिल दहला देने वाली” है और यह सब जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री को न केवल चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, बल्कि उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से भी दूर किया जा रहा है, जबकि उनके खिलाफ 100 से अधिक मुकदमे चल रहे हैं।

 

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