
पटना, 23 फरवरी 2026: बिहार कैडर के IPS अधिकारी और फायर ब्रिगेड के IG एम. सुनील नायक को आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने आज सुबह हत्या के प्रयास (धारा 307) के मामले में गिरफ्तार करने के लिए पटना में उनके आवास पर पहुंची थी। हालांकि, सुनील नायक की याचिका पर हाई कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर स्टे लगा दिया, जिससे पुलिस की गिरफ्तारी की योजना फिलहाल बाधित हो गई।
सुनील नायक की गिरफ्तारी की कोशिश से पहले उनके आवास पर भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल देखा गया। आंध्र प्रदेश पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कोर्ट के स्टे ऑर्डर ने इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगा दी।
कौन हैं IPS सुनील नायक?
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2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी
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वर्तमान में बिहार के फायर ब्रिगेड में IG के पद पर तैनात
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मूल रूप से आंध्र प्रदेश निवासी और कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं
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2021 में आंध्र प्रदेश सीआईडी में डेप्युटेशन पर तैनात
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला मई 2021 का है, जब IPS सुनील नायक पर आंध्र प्रदेश में नरसापुरम के पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू के साथ हिरासत में मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगा। उस समय कोविड-19 महामारी के दौरान राजू की ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी, इसके बावजूद उन्हें जबरन गिरफ्तार किया गया और गुंटूर ले जाया गया।
राजू का आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की आलोचना करने के कारण उनके साथ प्रतिशोध किया गया। इस मामले में कुल 5 लोग आरोपी हैं, जिनमें बिहार कैडर के IPS सुनील नायक, सीनियर IPS सीतारमंजनेयुलु, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आर. विजय पॉल और गुंटूर सरकारी अस्पताल की पूर्व सुपरिटेंडेंट जी. प्रभावत शामिल हैं।
हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर से सुनील नायक को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, लेकिन मामला अब भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत चर्चा में बना हुआ है।
