Wednesday, January 28

अनूपपुर बनेगा मध्य प्रदेश का नया ‘पावर हब’: 60 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार लोगों को रोजगार

भोपाल: मध्य प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में मंगलवार को अनूपपुर जिले में 4000 मेगावॉट की नई ताप विद्युत परियोजनाओं के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर किए गए। इन परियोजनाओं से प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये का भारी निवेश आएगा और 8 हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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तीन बड़ी कंपनियां जुटेंगी अनूपपुर में
टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से तीन प्रमुख कंपनियों को इन ग्रीनफील्ड परियोजनाओं का आवंटन किया गया है। टोरेंट पावर लिमिटेड को 1600 मेगावॉट, जबकि हिंदुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स और अडानी पावर लिमिटेड को 800-800 मेगावॉट क्षमता सौंपी गई है। शासन की विशेष स्वीकृति से अतिरिक्त 800 मेगावॉट क्षमता का प्रावधान भी रखा गया है।

आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की दिशा में मील का पत्थर
ये सभी परियोजनाएं डीबीएफओओ मॉडल (DBFOO) पर आधारित हैं। अनूपपुर जिला इन परियोजनाओं के केंद्र के रूप में उभरेगा और वर्ष 2030 तक इनसे बिजली उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इस पहल से न केवल प्रदेश की बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि उद्योगों के विकास और आम उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

सीएम मोहन यादव का बयान
सीएम ने कहा, “आज भोपाल निवास में 4,000 मेगावॉट बिजली के पॉवर सप्लाई एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पहल से प्रदेश में लगभग 60,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश आएगा और 8,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। अनूपपुर जिले में स्थापित नए विद्युत संयंत्र न केवल राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेंगे बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति प्रदान करेंगे।”

यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के आर्थिक परिदृश्य में भी बड़ा बदलाव लाने और मध्य प्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगी।

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