
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपने खिलाफ जारी विशेषाधिकार हनन नोटिस को अस्पष्ट और निराधार बताते हुए कहा है कि उन्होंने कभी भी सिख गुरुओं के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की।
आतिशी ने सोमवार को दिल्ली विधानसभा सचिव को भेजे गए पत्र में कहा कि नोटिस में उल्लेखित ‘सदन में हंगामा’ और ‘कार्यवाही बाधित करने’ जैसे शब्द अस्पष्ट हैं। उन्होंने नोटिस में पूरी बात नहीं बताई गई होने के कारण शिकायत, प्रमाणित अनएडिटेड वीडियो रिकॉर्डिंग और सभी संबंधित दस्तावेज की मांग की है। आतिशी ने यह भी बताया कि उन्हें स्पीकर से अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलावे का कोई संदेश नहीं मिला।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
आतिशी ने दिल्ली में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल दखल की मांग की। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में राजधानी में बढ़ती गंभीर आपराधिक घटनाओं ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों के मन में भय और असुरक्षा पैदा कर दी है।
वीडियो रिपोर्ट से साफ हुआ मामलाः
दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट को सार्वजनिक किया, जिसमें फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने स्पष्ट किया कि वीडियो में किसी प्रकार की छेड़खानी नहीं हुई है। विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से माफी मांगने को कहा है।
आतिशी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सदन में किसी भी समुदाय का अपमान करना नहीं था और उन्होंने सभी दस्तावेज मांगकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।