Tuesday, January 20

क्या है ‘आइंस्टीन वीजा’? H-1B पर सख्ती के बीच अमेरिका में नौकरी का वैकल्पिक रास्ता बना EB-1A

वॉशिंगटन।
अमेरिका में नौकरी के लिए लंबे समय तक H-1B वीजा को सबसे बेहतर विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन हालिया नीतिगत बदलावों ने विदेशी पेशेवरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर लगभग 1 लाख डॉलर किए जाने और लॉटरी सिस्टम खत्म होने के बाद अब विदेशी वर्कर्स एक नए विकल्प की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बीच एक खास वीजा—जिसे आम तौर पर आइंस्टीन वीजा’ कहा जाता है—की मांग में जबरदस्त उछाल देखा गया है।

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EB-1A वीजा की बढ़ती लोकप्रियता

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, EB-1A वीजा के लिए आवेदन बीते चार वर्षों में करीब तीन गुना बढ़ गए हैं। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जून 2025 के बीच लगभग 7500 आवेदन किए गए, जबकि 2021 की इसी अवधि में यह संख्या करीब 2500 थी।

यह वीजा उन लोगों को दिया जाता है, जिनके पास साइंस, आर्ट्स, एजुकेशन, बिजनेस या एथलेटिक्स जैसे क्षेत्रों में असाधारण प्रतिभा होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आवेदक को किसी अमेरिकी कंपनी की स्पॉन्सरशिप की जरूरत नहीं होती और वह खुद ही परमानेंट रेजिडेंसी (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन कर सकता है।

H-1B के मुकाबले क्यों खास है यह वीजा

H-1B वीजा के विपरीत, EB-1A में न तो लॉटरी सिस्टम है और न ही सैलरी आधारित प्राथमिकता। यही वजह है कि H-1B पर सख्ती बढ़ने के साथ-साथ योग्य विदेशी प्रोफेशनल्स इस वीजा को अमेरिका में करियर बनाने का बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

बढ़ती मांग के साथ सख्ती भी

हालांकि, बढ़ते आवेदनों के साथ-साथ अप्रूवल रेट में गिरावट भी दर्ज की गई है। USCIS के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच EB-1A वीजा का अप्रूवल रेट 67 प्रतिशत से घटकर 50 प्रतिशत पर आ गया है। इसकी एक बड़ी वजह फर्जी आवेदनों में बढ़ोतरी बताई जा रही है।

USCIS अधिकारियों ने खुलासा किया है कि कुछ कंसल्टेंट्स आवेदकों को फर्जी रिसर्च पेपर, नकली साइटेशन और झूठे अवॉर्ड्स उपलब्ध कराकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए एजेंसी ने जांच प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। पकड़े जाने पर आवेदन तुरंत खारिज कर दिए जा रहे हैं।

कौन पा सकता है ‘आइंस्टीन वीजा’

हालांकि अमेरिकी सरकार आधिकारिक रूप से ‘आइंस्टीन वीजा’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करती, लेकिन इसे एंप्लॉयमेंट-बेस्ड इमिग्रेशन फर्स्ट प्रेफरेंस (EB-1) श्रेणी के तहत रखा गया है। इसके अंतर्गत तीन कैटेगरी आती हैं—

  1. असाधारण योग्यता वाले व्यक्ति (EB-1A)
  2. उत्कृष्ट प्रोफेसर या रिसर्चर
  3. मल्टीनेशनल कंपनी के एग्जिक्यूटिव या मैनेजर

EB-1A कैटेगरी में वही लोग पात्र होते हैं, जिन्होंने अपनी फील्ड में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। ओलंपिक मेडल, ऑस्कर जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से सम्मान पाने वाले व्यक्तियों को इस श्रेणी में प्राथमिकता मिलती है।

निष्कर्ष

H-1B वीजा पर बढ़ती सख्ती के बीच EB-1A यानी ‘आइंस्टीन वीजा’ अमेरिका में नौकरी और स्थायी निवास का एक अहम विकल्प बनकर उभरा है। हालांकि, यह रास्ता आसान नहीं है और केवल वास्तविक प्रतिभा व ठोस उपलब्धियों वाले आवेदकों के लिए ही खुला है। बढ़ती जांच के दौर में सही दस्तावेज और वास्तविक उपलब्धियां ही सफलता की कुंजी साबित होंगी।

 

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