
नई दिल्ली।
साल 2026 की शुरुआत के साथ ही भारतीय क्रिकेट में बदलाव की आहट तेज हो गई है। टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में कई सीनियर और लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी अब बेहद मुश्किल नजर आ रही है। उम्र, फिटनेस और चयनकर्ताओं की प्राथमिकताओं को देखते हुए माना जा रहा है कि कुछ दिग्गज खिलाड़ी इस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सकते हैं, जिनका 2027 वनडे विश्व कप में खेलना लगभग असंभव है।
अजिंक्य रहाणे
पूर्व टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे भारतीय क्रिकेट के भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने जाते रहे हैं, लेकिन टीम इंडिया में उनकी वापसी की राह अब लगभग बंद हो चुकी है। रहाणे फिलहाल घरेलू क्रिकेट में मुंबई के लिए खेल रहे हैं।
- टेस्ट: 85 मैच
- वनडे: 90 मैच
- टी20: 20 मैच
जून 2026 में वह 38 वर्ष के हो जाएंगे और चयनकर्ताओं की मौजूदा रणनीति में उनके लिए कोई स्थान नजर नहीं आता।
उमेश यादव
एक समय भारत के सबसे तेज और खतरनाक गेंदबाजों में शामिल उमेश यादव अब चयनकर्ताओं की योजना से पूरी तरह बाहर माने जा रहे हैं। वह घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए भी सीमित मुकाबले खेलते नजर आते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय विकेट: 288
तेज गेंदबाजी विभाग में युवा खिलाड़ियों के उभार के बाद उमेश की वापसी की संभावनाएं बेहद कम हो चुकी हैं।
ईशांत शर्मा
2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले ईशांत शर्मा ने भारतीय तेज गेंदबाजी को नई पहचान दिलाई। हालांकि वह 2021 के बाद से टीम इंडिया का हिस्सा नहीं रहे हैं।
- टेस्ट विकेट: 311
- वनडे विकेट: 115
- टी20 विकेट: 8
37 वर्षीय ईशांत के लिए अब वापसी का दरवाजा लगभग बंद हो चुका है।
युजवेंद्र चहल
कभी भारतीय टीम के प्रमुख सीमित ओवरों के स्पिनर रहे युजवेंद्र चहल भी अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे हैं। हालांकि वह 2024 टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे, लेकिन 2023 के बाद उन्हें कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला।
स्पिन विभाग में नए विकल्पों के उभरने से चहल के लिए वापसी की राह कठिन हो गई है।
मनीष पांडे
आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज मनीष पांडे लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं।
- वनडे: 29 मैच
- टी20: 39 मैच
वर्तमान सीजन में वह घरेलू क्रिकेट में भी नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे उनके संन्यास की अटकलें और मजबूत हो गई हैं।
बदलाव के दौर में भारतीय क्रिकेट
भारतीय टीम अब 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा और भविष्य की टीम तैयार करने में जुटी है। ऐसे में इन अनुभवी खिलाड़ियों का संन्यास लेना क्रिकेट के स्वाभाविक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है।