
काबुल/नई दिल्ली, 2 फरवरी: भारत सरकार द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 में अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता बढ़ाने के फैसले का अफगान तालिबान ने स्वागत किया है। तालिबान नेतृत्व ने इसे दोनों देशों के संबंधों में सुधार का संकेत बताया है।
बजट में भारत ने अफगानिस्तान के लिए विकास सहायता 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 150 करोड़ रुपये कर दी है। यह राशि विदेश मंत्रालय के माध्यम से अफगानिस्तान को उपलब्ध कराई जाएगी। पिछले वर्ष की तुलना में यह 50 करोड़ रुपये की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) अफगानिस्तान के लिए यह मदद अहम साबित हो सकती है।
तालिबान की प्रतिक्रिया
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कतर में अफगानिस्तान के प्रतिनिधि और तालिबान के वरिष्ठ नेता सुहैल शाहीन ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन में वृद्धि से संकेत मिलता है कि दोनों देश आपसी सहयोग को आगे बढ़ाना चाहते हैं। शाहीन ने भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।
निवेश की संभावनाओं पर जोर
तालिबान नेतृत्व ने अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारतीय निवेश की संभावनाओं पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि देश के बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के दौर में भारतीय कंपनियों के लिए व्यापार और निवेश के अवसर मौजूद हैं।
हाल के वर्षों में भारत और अफगानिस्तान के बीच संपर्क बढ़ा है। विश्लेषकों के अनुसार मानवीय सहायता और विकास सहयोग दोनों देशों के रिश्तों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।