
वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इंडिया गेट की तस्वीर साझा किए जाने से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इंडिया गेट को “भारत का खूबसूरत विजय द्वार” बताते हुए लिखा— “हमारा वाला उन सबमें सबसे महान होगा।” ट्रंप के इस बयान ने अटकलों को जन्म दे दिया है कि वह वॉशिंगटन डीसी में भी किसी भव्य विजय स्मारक के निर्माण की योजना बना रहे हैं।
हालांकि ट्रंप ने अपने पोस्ट में किसी योजना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान उनके नेतृत्व, सैन्य शक्ति और वैश्विक प्रभाव को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
क्यों इंडिया गेट पर गई ट्रंप की नजर
माना जा रहा है कि राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में ट्रंप अपने कार्यों को ऐतिहासिक रूप देने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने हाल के महीनों में खुद को “शांति का दूत” बताते हुए कई वैश्विक संघर्षों को रुकवाने का दावा किया है। इसके साथ ही, टैरिफ नीति और आक्रामक कूटनीति के जरिए उन्होंने अमेरिका की बढ़ती ताकत को ‘स्वर्णिम युग’ के रूप में प्रस्तुत किया है।
ऐसे में वॉशिंगटन डीसी में विजय स्तंभ या स्मारक बनाने की संभावित योजना को उनके राजनीतिक विरासत निर्माण से जोड़कर देखा जा रहा है। इंडिया गेट जैसे ऐतिहासिक स्मारक से तुलना करना इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन भी संदेश का हिस्सा
ट्रंप का यह पोस्ट ऐसे समय आया है जब अमेरिका अपनी सैन्य ताकत का खुला प्रदर्शन कर रहा है। जनवरी में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया। इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने ईरान, क्यूबा और कोलंबिया को भी सख्त चेतावनी दी है। ईरान के नजदीक भारी सैन्य तैनाती को भी इसी शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इंडिया गेट की तस्वीर साझा करना केवल सौंदर्य प्रशंसा नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य और राजनीतिक प्रभुत्व का प्रतीकात्मक संदेश भी हो सकता है।
इंडिया गेट का ऐतिहासिक महत्व
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर स्थित इंडिया गेट ब्रिटिश काल का एक ऐतिहासिक स्मारक है। 42 मीटर ऊंचे इस स्मारक का निर्माण प्रथम विश्व युद्ध और तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध में शहीद हुए करीब 70,000 से अधिक भारतीय सैनिकों की स्मृति में किया गया था। इसे प्रसिद्ध वास्तुकार सर एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था। इसका निर्माण 1921 में शुरू हुआ और 1931 में पूरा हुआ।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप का इंडिया गेट पर किया गया पोस्ट केवल एक तस्वीर साझा करना नहीं, बल्कि शक्ति, विजय और विरासत का राजनीतिक संकेत भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह बयान महज प्रतीकात्मक है या वाकई अमेरिका में किसी नए विजय स्मारक की भूमिका तैयार कर रहा है।