Thursday, March 12

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अरब सागर में अमेरिकी F-35C ने मार गिराया ईरानी ड्रोन, USS अब्राहम लिंकन के पास बढ़ रहा था खतरा
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अरब सागर में अमेरिकी F-35C ने मार गिराया ईरानी ड्रोन, USS अब्राहम लिंकन के पास बढ़ रहा था खतरा

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के अत्याधुनिक F-35C स्टील्थ फाइटर जेट ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई। प्रवक्ता के अनुसार, ईरानी ड्रोन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के करीब पहुंच रहा था, जिसके बाद वहां तैनात F-35C फाइटर जेट ने उसे हवा में ही नष्ट कर दिया। मिडिल ईस्ट में तैनात है USS अब्राहम लिंकन USS अब्राहम लिंकन को अमेरिका ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को देखते हुए तैनात किया हुआ है। इस कैरियर पर कैरियर एयर विंग-9 (CVW-9) मौजूद है, जिसमें कुल आठ स्क्वाड्रन शामिल हैं। इनमें F-35C, F/A-18E/F सुपर हॉर्नेट, EA-18G ग्राउलर, E-2D हॉकआई, CMV-22B ऑस्प्रे और MH-60R/S सीहॉक जैसे विमान औ...
पाकिस्तान को दरकिनार कर एर्दोगन ने सऊदी प्रिंस से की मुलाकात, रक्षा सहयोग पर बढ़ेंगे रिश्ते
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पाकिस्तान को दरकिनार कर एर्दोगन ने सऊदी प्रिंस से की मुलाकात, रक्षा सहयोग पर बढ़ेंगे रिश्ते

रियाद: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने रियाद में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) से मुलाकात की। इस दौरे ने न केवल दुनिया का ध्यान खींचा, बल्कि खासतौर से पाकिस्तान के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ। पाकिस्तान की कोशिश थी कि तुर्की को अपने और सऊदी अरब के रक्षा समझौते में शामिल कर ‘इस्लामिक नाटो’ का निर्माण किया जाए। लेकिन एर्दोगन ने पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए सीधे एमबीएस से बातचीत की। तुर्की-सऊदी रक्षा समझौते पर जोर मुलाकात के बाद जारी जॉइंट डिक्लेरेशन में दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा सहयोग समझौतों को सक्रिय करने और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और साइबर सुरक्षा मामलों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता भी सामने आई। प्रतिद्वंद्वी से सहयोगी बने सऊदी-तुर्की यह एर्दोगन की दो साल में पहली रियाद यात्र...
इंडोनेशिया ने अमेरिका को झटका दिया, F-15EX जेट की बजाय चुना फ्रांसीसी राफेल
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इंडोनेशिया ने अमेरिका को झटका दिया, F-15EX जेट की बजाय चुना फ्रांसीसी राफेल

जकार्ता: इंडोनेशियाई वायु सेना ने अमेरिकी कंपनी बोइंग के F-15EX ईगल II लड़ाकू जेट खरीदने का अपना प्लान छोड़ दिया है। ऐसा निर्णय उस समय आया है जब फ्रांस के साथ 2022 में किए गए 8 अरब डॉलर के डिफेंस डील के तहत इंडोनेशिया को पहले तीन राफेल फाइटर जेट जनवरी में मिल चुके हैं। F-15EX डील का सफरफरवरी 2022 में अमेरिकी विदेश विभाग ने इंडोनेशिया को F-15EX के एक वेरिएंट F-15ID की विदेशी बिक्री की मंजूरी दी थी। इसके बाद अगस्त 2023 में जकार्ता ने बोइंग से औपचारिक रूप से 24 जेट खरीदने का वादा किया। बोइंग ने इस वर्ज़न का नाम F-15IND रखा और मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर हुए। हालांकि, अगस्त 2023 के बाद डील ठंडे बस्ते में चली गई और दो साल तक इस पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। अब इंडोनेशिया ने F-15EX खरीदने का फैसला स्थगित कर दिया है। फ्रांस ने अमेरिका से बाजी मारीइंडोनेशिया को शुरुआती राफेल की ...
रूस ने भारत को Su-35 बनाने का दिया था प्रस्ताव, दिल्ली ने क्यों ठुकराया? अब Su-57 पर बातचीत तेज
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रूस ने भारत को Su-35 बनाने का दिया था प्रस्ताव, दिल्ली ने क्यों ठुकराया? अब Su-57 पर बातचीत तेज

मॉस्को/नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 के लाइसेंस प्रोडक्शन को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक प्लांट में, जहां पहले ही 220 से अधिक Su-30MKI तैयार किए जा चुके हैं, उसी उत्पादन लाइन को अपग्रेड कर Su-57 निर्माण की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि रूस ने इससे पहले भी भारत को इसी तरह का प्रस्ताव दिया था। वर्ष 2010 में जब भारत ने MMRCA (मीडियम मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) टेंडर निकाला था, तब रूस ने Su-35 फाइटर जेट के लाइसेंस प्रोडक्शन का ऑफर दिया था, जिसे भारत ने अस्वीकार कर दिया था। MMRCA टेंडर में Su-35 की एंट्री थी खास MMRCA टेंडर में दुनिया के छह उन्नत लड़ाकू विमान शामिल थे। इनमें अधिकांश विमान मीडियम वेट श्रेणी के थे, जबकि अमेरिकी F-16/-21 और स्वीडिश ग्रिपेन हल्के श्रेण...
इजरायली सेना की मेजर एला वावेया ने रचा इतिहास, बनी पहली अरब मुस्लिम महिला प्रवक्ता
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इजरायली सेना की मेजर एला वावेया ने रचा इतिहास, बनी पहली अरब मुस्लिम महिला प्रवक्ता

तेल अवीव: इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने मेजर एला वावेया को सेना का अरबी भाषा प्रवक्ता नियुक्त किया है। वावेया इस पद को संभालने वाली पहली इजरायली अरब मुस्लिम महिला हैं। यह पद इजरायली सेना के अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संचार पदों में से एक है और पूरे पश्चिम एशिया में अरबी बोलने वाले दर्शकों तक सेना का संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी रखता है। आईडीएफ के सीनियर अधिकारियों ने वावेया की नियुक्ति को मंजूरी दी। वह अगले हफ्ते औपचारिक रूप से लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर प्रमोट होकर कर्नल अविचाई अद्राई की जगह लेंगी। करियर की शुरुआत और उपलब्धियां36 साल की वावेया का जन्म मध्य इजरायली शहर कलान्सवा में एक मुस्लिम परिवार में हुआ। उन्होंने 2013 में सेना के लिए स्वयंसेवक के तौर पर सेवा शुरू की और जल्दी ही आईडीएफ प्रवक्ता इकाई में अधिकारी बन गईं। 2015 में उन्होंने आईडीएफ अधिकारियों के कोर्स में भाग लिया और रा...
बांग्लादेश में पाकिस्तान और चीन का डिफेंस डील मिलन, भारत के तीनों पड़ोसी जुटे हथियार सौदे पर
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बांग्लादेश में पाकिस्तान और चीन का डिफेंस डील मिलन, भारत के तीनों पड़ोसी जुटे हथियार सौदे पर

ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में इस समय पाकिस्तान की नौसेना और चीनी डिफेंस कंपनी NORINCO के अधिकारी एक साथ मौजूद हैं। माना जा रहा है कि तीनों देशों—बांग्लादेश, पाकिस्तान और चीन—के बीच एक बड़ा हथियार और रक्षा सहयोग समझौता होने वाला है। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में 13 सदस्य शामिल हैं, जिसका नेतृत्व कमोडोर नासिर महमूद कर रहे हैं। वहीं, चीनी NORINCO प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कंपनी के एशिया पैसिफिक जनरल मैनेजर डिंग वेइमिन कर रहे हैं। इस दौरान बांग्लादेश ने पाकिस्तान के रियर एडमिरल को अपने सबसे बड़े नौसैनिक अड्डे का कमांडेंट भी नियुक्त किया है, जो कई विश्लेषकों के लिए चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चुनाव से पहले रक्षा समझौते को अंतिम रूप देना चाहती है। चीन के NORINCO प्रतिनिधिमंडल ने 3 फरवरी को पेमेंट और ड्राफ्ट एग्रीमेंट से पहले स्पेयर पार्ट्...
भारत-यूएस ट्रेड डील से तेजस जेट प्रोजेक्ट को बड़ा सहयोग, मिलिट्री तकनीक में रास्ते खुलेंगे
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भारत-यूएस ट्रेड डील से तेजस जेट प्रोजेक्ट को बड़ा सहयोग, मिलिट्री तकनीक में रास्ते खुलेंगे

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते से भारतीय रक्षा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। इस डील के तहत भारत को तेजस Mark1A फाइटर जेट के लिए जरूरी अमेरिकी इंजन और तकनीक के ट्रांसफर में मदद मिलेगी, जिससे रक्षा निर्माण और विकास प्रोजेक्टों में तेजी आएगी। पिछले साल भारत और अमेरिका के संबंधों में खटास के कारण तेजस Mark1A जेट के लिए इंजन सप्लाई में देरी हुई थी। इससे अगली पीढ़ी के फाइटर जेट तेजस Mark2 की डिजाइन और उत्पादन पर भी असर पड़ा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) 500 जेट बनाने की योजना में अमेरिकी इंजन का इस्तेमाल कर रही है, और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का समय पर पूरा होना इस योजना के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के जनरल इलेक्ट्रिक F-414 एयरो-इंजन के उत्पादन और तकनीक साझेदारी के लिए जून 2023 में सहमति जताई गई थी। इस डील से तेजस M...
पाकिस्तान को UAE से दोस्ती पड़ी भारी, शहबाज का 2 अरब डॉलर लोन बढ़ाने का अनुरोध ठुकराया
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पाकिस्तान को UAE से दोस्ती पड़ी भारी, शहबाज का 2 अरब डॉलर लोन बढ़ाने का अनुरोध ठुकराया

इस्लामाबाद: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 2 अरब डॉलर के लोन पर कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने 2 अरब डॉलर के लोन की अवधि बढ़ाने और ब्याज दर घटाने का अनुरोध किया था, लेकिन UAE ने इसे केवल एक महीने के लिए बढ़ाया, जबकि पाकिस्तान दो साल के विस्तार की मांग कर रहा था। यह पहला मौका है जब UAE ने पाकिस्तान को इतनी कम समय सीमा दी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद ने UAE राष्ट्रपति से लोन को दो साल के लिए रोलओवर करने और ब्याज दर 3% तक घटाने की गुहार लगाई थी। लेकिन UAE ने सख्त रुख अपनाते हुए मौजूदा 6.5% की ब्याज दर पर केवल एक महीने का विस्तार दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, UAE का यह कदम सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की नज़दीकी और हालिया राजनीतिक झुकाव के कारण उठाया गया माना जा रहा है। अगर UAE ने लोन बढ़ाने में सख्ती जारी रखी, तो प...
चीन ने पेश किया स्टार वार्स जैसी उड़ती एयरक्राफ्ट कैरियर, भविष्य की युद्ध रणनीति की झलक
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चीन ने पेश किया स्टार वार्स जैसी उड़ती एयरक्राफ्ट कैरियर, भविष्य की युद्ध रणनीति की झलक

बीजिंग: चीन ने हाल ही में एक उड़ता हुआ एयरक्राफ्ट कैरियर पेश किया है, जो किसी हॉलीवुड साइंस-फिक्शन फिल्म की तकनीक जैसा प्रतीत होता है। इस स्पेसक्राफ्ट का नाम 'लुआननियाओ' रखा गया है, जिसका मतलब है साउथ हेवनली गेट। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह एयरक्राफ्ट कैरियर धरती के वायुमंडल से मिसाइल दागने वाले लड़ाकू विमानों को तैनात करने में सक्षम होगा। इस विशाल त्रिकोणीय विमान का आकार 242 मीटर लंबा और 684 मीटर चौड़ा है, और इसका टेक-ऑफ वजन 1,20,000 टन बताया गया है। इसे 88 मानवरहित स्टील्थ लड़ाकू विमानों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो हाइपरसोनिक मिसाइलों को लॉन्च कर सकेंगे। ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ एशिया इंस्टीट्यूट के डिफेंस एक्सपर्ट पीटर लेटन के अनुसार, यदि चीन वास्तव में ऐसा स्पेसक्राफ्ट बना लेता है, तो यह किसी भी पारंपरिक डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती बन सकता है। यह कैरियर सतह से ऊपर ...
सिंधु जल संधि विवाद: भारत ने आर्बिट्रेशन कोर्ट का समन किया खारिज, पाकिस्तान फंसा संकट में
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सिंधु जल संधि विवाद: भारत ने आर्बिट्रेशन कोर्ट का समन किया खारिज, पाकिस्तान फंसा संकट में

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। भारत ने हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (PCA) द्वारा जारी समन को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। भारत ने कहा कि वह इस ट्रिब्यूनल को गैर-कानूनी मानता है और इसके आदेशों का पालन नहीं करेगा। पिछले हफ्ते PCA ने भारत से कश्मीर के किशनगंगा और रातले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से संबंधित संवेदनशील ऑपरेशनल रिकॉर्ड और डेटा साझा करने को कहा था। भारत ने इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि न्यूट्रल एक्सपर्ट प्रक्रिया के बीच एक समानांतर आर्बिट्रेशन कोर्ट का गठन सिंधु संधि के विवाद समाधान ढांचे का उल्लंघन है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत तब तक किसी भी संधि दायित्व को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता और भारत की मौलिक स...