
इस्लामाबाद: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 2 अरब डॉलर के लोन पर कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने 2 अरब डॉलर के लोन की अवधि बढ़ाने और ब्याज दर घटाने का अनुरोध किया था, लेकिन UAE ने इसे केवल एक महीने के लिए बढ़ाया, जबकि पाकिस्तान दो साल के विस्तार की मांग कर रहा था। यह पहला मौका है जब UAE ने पाकिस्तान को इतनी कम समय सीमा दी है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद ने UAE राष्ट्रपति से लोन को दो साल के लिए रोलओवर करने और ब्याज दर 3% तक घटाने की गुहार लगाई थी। लेकिन UAE ने सख्त रुख अपनाते हुए मौजूदा 6.5% की ब्याज दर पर केवल एक महीने का विस्तार दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, UAE का यह कदम सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की नज़दीकी और हालिया राजनीतिक झुकाव के कारण उठाया गया माना जा रहा है। अगर UAE ने लोन बढ़ाने में सख्ती जारी रखी, तो पाकिस्तान के लिए भारी वित्तीय संकट उत्पन्न हो सकता है।
यूएई ने 2018 में पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर का लोन दिया था, जिसे पाकिस्तान समय पर चुकाने में असफल रहा। तब से सालाना रोलओवर की प्रक्रिया चल रही है। पिछले साल UAE ने IMF बेलआउट में मदद के लिए 1 अरब डॉलर का अतिरिक्त लोन दिया था। फिलहाल पाकिस्तान की 16 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा भंडार में यह लोन एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मौजूदा दरों पर सालाना लगभग 130 मिलियन डॉलर ब्याज देना पड़ रहा है।
पाकिस्तान अब अन्य स्रोतों से फाइनेंसिंग जुटाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि UAE ने लोन की अवधि को बहुत आगे बढ़ाने पर सहमति नहीं दी है।