Wednesday, February 4

चीन ने पेश किया स्टार वार्स जैसी उड़ती एयरक्राफ्ट कैरियर, भविष्य की युद्ध रणनीति की झलक

बीजिंग: चीन ने हाल ही में एक उड़ता हुआ एयरक्राफ्ट कैरियर पेश किया है, जो किसी हॉलीवुड साइंस-फिक्शन फिल्म की तकनीक जैसा प्रतीत होता है। इस स्पेसक्राफ्ट का नाम ‘लुआननियाओ’ रखा गया है, जिसका मतलब है साउथ हेवनली गेट। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह एयरक्राफ्ट कैरियर धरती के वायुमंडल से मिसाइल दागने वाले लड़ाकू विमानों को तैनात करने में सक्षम होगा।

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इस विशाल त्रिकोणीय विमान का आकार 242 मीटर लंबा और 684 मीटर चौड़ा है, और इसका टेक-ऑफ वजन 1,20,000 टन बताया गया है। इसे 88 मानवरहित स्टील्थ लड़ाकू विमानों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो हाइपरसोनिक मिसाइलों को लॉन्च कर सकेंगे।

ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ एशिया इंस्टीट्यूट के डिफेंस एक्सपर्ट पीटर लेटन के अनुसार, यदि चीन वास्तव में ऐसा स्पेसक्राफ्ट बना लेता है, तो यह किसी भी पारंपरिक डिफेंस सिस्टम के लिए चुनौती बन सकता है। यह कैरियर सतह से ऊपर उड़कर मिसाइल और फाइटर एयरक्राफ्ट से बच सकता है और मौसम की बाधाओं से भी अप्रभावित रहेगा।

लुआननियाओ चीन के बड़े नानटियनमेन प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो देश की एयरोस्पेस और एयर डिफेंस क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इस प्रोजेक्ट के तहत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान ‘बैडी फाइटर’ को भी अंतरिक्ष से ऑपरेट करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

हालांकि, वैज्ञानिक और डिफेंस विशेषज्ञ इसे फिलहाल केवल आइडिया और कॉन्सेप्ट मानते हैं। उनका कहना है कि ऐसे एयरक्राफ्ट के लिए अत्याधुनिक ईंधन और नए प्रकार के प्रोपल्शन सिस्टम की जरूरत होगी, जो आज तक मौजूद नहीं हैं।

लेटन का मानना है कि इसे व्यावहारिक रूप से बनाने के लिए चीन को सैटेलाइट या रॉकेट की तरह इसे ऑर्बिट में स्थापित करना होगा, जिसके लिए वर्षों का शोध और विकसित रीयूजेबल रॉकेट सिस्टम आवश्यक होगा।

फिलहाल यह परियोजना चीन की तकनीकी महत्वाकांक्षा और भविष्य की अंतरिक्ष युद्ध रणनीति का सिर्फ एक झलक है, जो आने वाले 20-30 वर्षों में वास्तविकता में बदल सकती है।

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