राजस्थान में 1.42 करोड़ स्मार्ट मीटर: बिजली व्यवस्था होगी स्मार्ट या बढ़ेगा उपभोक्ताओं का बोझ?
राजस्थान में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में 1.42 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज़ी से जारी है। बिजली विभाग के इंजीनियर घर-घर जाकर मीटर इंस्टॉल कर रहे हैं। अब तक करीब 15 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। सरकार का दावा है कि इस पहल से बिजली चोरी रुकेगी, बिलिंग में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को अपनी खपत पर सीधा नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, इसके साथ ही आम लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इससे बिजली बिल बढ़ेगा या फायदा होगा?
क्या है स्मार्ट मीटर और क्यों जरूरी?
स्मार्ट मीटर एक डिजिटल और उन्नत मीटरिंग सिस्टम है, जो बिजली खपत का रिकॉर्ड रीयल-टाइम में करता है। यह डेटा सीधे बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के सर्वर तक पहुंचता है।
इसके प्रमुख फायदे हैं—
अनुमानित बिल और रीडिंग की गड़बड़ी से मुक्...










