अबूझमाड़ की नक्सली सम्मी की गोद में खिल उठा परिवार का सपना
नागपुर: अबूझमाड़ के जंगलों में कभी हथियारों से खेलती रही 25 वर्षीय सम्मी की जिंदगी ने 2025 में नया मोड़ लिया। माओवादियों की गुरिल्ला टीम मेंबर रही सम्मी अब अपनी गोद में नवजात बेटे को पाल रही हैं। गड़चिरौली के जिला महिला अस्पताल में बच्चे के जन्म के समय सम्मी की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
सम्मी की शादी नक्सली कमांडर अर्जुन से हुई थी। माओवादी संगठन में शादी की अनुमति तो थी, लेकिन बच्चे पैदा करना निषिद्ध था। सम्मी और अर्जुन भी कभी सोच नहीं सकते थे कि उनका अपना बच्चा होगा।
सरेंडर के बाद बदली जिंदगीसरकार की पुनर्वास योजना के तहत 1 जनवरी 2025 को सम्मी और अर्जुन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के सामने सरेंडर किया। गड़चिरौली पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट संजीवनी’ के तहत उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया। उनके लिए आधार, पैन, बैंक अकाउंट, ई-श्रम कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए गए और उन्ह...










