

‘श्रीअन्न अपनाएं, प्रकृति बचाएं’ का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण, संतुलित जनसंख्या और सतत विकास का लिया संकल्प
उज्जैन। विश्व जनसंख्या दिवस, विश्व अश्व दिवस एवं वृक्षारोपण समारोह के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंधन संस्थान (जेएनआईबीएम), सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन एवं प्रबंध छात्रावास में बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार, 11 जुलाई 2026 को एक गरिमामय संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत प्रतिष्ठित एल्युमिनी एवं मुख्य प्रबंधक श्री मयंक राठौर की पहल पर आयोजित किया गया, जिसमें “श्रीअन्न अपनाएं, प्रकृति बचाएं” विषय के साथ संस्कृत श्लोकों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, संतुलित जनसंख्या, सतत विकास तथा भारतीय पोषण परंपरा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण के साथ-साथ मिलेट (श्रीअन्न) को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा टिकाऊ कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। कुलगुरु ने संस्थान परिसर का निरीक्षण कर वृक्षारोपण की सराहना की तथा वर्षभर पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया, उज्जैन जोन के जोनल मैनेजर श्री अजीत कुमार शरण उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया, फ्रीगंज शाखा के मुख्य प्रबंधक एवं संस्थान के गौरवशाली पूर्व छात्र श्री मयंक राठौर ने सहभागिता की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा जनसहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
आभासी माध्यम से जुड़े प्रो. डॉ. धर्मेंद्र मेहता ने “सैपलिंग विद सिम्पोजियम” विषय पर अपने वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के संदर्भ में विभिन्न दिवसों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. डॉ. अर्पण भारद्वाज, बैंक ऑफ इंडिया के एल्युमिनी एवं कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार श्री मयंक राठौर तथा श्री अजीत कुमार शरण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
संकाय सदस्य डॉ. नयनतारा डामोर ने विद्यार्थियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मिलेट आधारित नाश्ता अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। वहीं प्रो. डॉ. बी. के. आंजना एवं प्रो. डॉ. डी. डी. बेदिया ने सभी विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को “एक व्यक्ति–एक पौधा गोद” अभियान के अंतर्गत एक-एक पौधा गोद लेकर उसकी सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर प्रबंध छात्रावास के विद्यार्थी, बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी, शोधार्थी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा संस्थान के एल्युमिनी उत्साहपूर्वक वृक्षारोपण अभियान में शामिल हुए। विद्यार्थियों एवं पूर्व छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण, पौधों की सुरक्षा, संतुलित जनसंख्या तथा प्रकृति के संरक्षण के प्रति सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।
विश्व जनसंख्या दिवस के प्रसंग पर वक्ताओं ने इस विचार को विशेष रूप से रेखांकित किया कि पृथ्वी के सीमित संसाधनों और निरंतर बढ़ती जनसंख्या के बीच संतुलन स्थापित करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जल संकट, वायु प्रदूषण, जैव विविधता का क्षरण तथा जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याएँ अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के कारण लगातार गहराती जा रही हैं। इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान व्यापक जन जागरूकता, हरित विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सतत जीवनशैली अपनाने से ही संभव है। कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, संतुलित जनसंख्या, श्रीअन्न के उपयोग तथा हरित भविष्य के संकल्प का प्रभावी संदेश प्रदान किया।


