Friday, February 27

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मुंबई बीएमसी चुनाव: उद्धव सेना के 15 नगरसेवक नॉट रीचेबल, हॉर्स ट्रेडिंग के खतरे के बीच बढ़ी राजनीतिक उथलपुथल
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मुंबई बीएमसी चुनाव: उद्धव सेना के 15 नगरसेवक नॉट रीचेबल, हॉर्स ट्रेडिंग के खतरे के बीच बढ़ी राजनीतिक उथलपुथल

शिंदे–उद्धव सेना के नगरसेवकों की होटल पॉलिटिक्स ने बढ़ाया सस्पेंस मुंबई: महाराष्ट्र में हाल ही में हुए निकाय चुनावों के परिणाम राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा रहे हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने बीएमसी की सत्ता खो दी, जबकि एनसीपी और कांग्रेस को भी अपने गढ़ों में चुनौती का सामना करना पड़ा। बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने का दावा किया, लेकिन मेयर कौन होगा, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। हॉर्स ट्रेडिंग का डर मुंबई में हॉर्स ट्रेडिंग के डर से सभी राजनीतिक दल अपने नगरसेवकों को एकजुट रखने में जुटे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने 29 नगरसेवकों को बांद्रा के एक फाइव-स्टार होटल में रखा और उन्हें संबोधित किया। इसके विपरीत, उद्धव सेना के 15 नगरसेवक रविवार को मोबाइल फोन पर नॉट रीचेबल आए, जिससे राजनीतिक गलियारों में हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। उद्धव सेना और शिंदे सेना की ...
मुंबई: एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के 29 नए कॉरपोरेटरों को फाइव-स्टार होटल में किया आमंत्रित टूटने का खतरा या प्रेशर पॉलिटिक्स? शिंदे ने खुद बताई वजह
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मुंबई: एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के 29 नए कॉरपोरेटरों को फाइव-स्टार होटल में किया आमंत्रित टूटने का खतरा या प्रेशर पॉलिटिक्स? शिंदे ने खुद बताई वजह

मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव में शिवसेना की बड़ी सफलता के बाद 29 नवनिर्वाचित नगरसेवकों को एक फाइव-स्टार होटल में ठहराया गया। रविवार देर शाम डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने सभी से मुलाकात की, उन्हें सम्मानित किया और भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी दिया। क्यों रखा गया होटल में? शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिवसेना डरने वाली पार्टी नहीं है, लेकिन कुछ लोग डरते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कॉरपोरेटरों को एक साथ रखने का मुख्य उद्देश्य यह है कि वे एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जान सकें, विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और पुराने कॉरपोरेटरों से सीख सकें कि प्रस्ताव कैसे तैयार किए जाते हैं। शिंदे ने कहा, "होटल में रखकर उन्हें एक-दूसरे के साथ आइडिया शेयर करने और गाइडेंस लेने का मौका मिलेगा। इसमें कोई गलत बात नहीं है।" चुनावी सफलता और जनता का समर्थन एकनाथ शिंदे ने कहा कि लो...
सतारा–पुणे सफर हुआ आसान, खंबाटकी घाट का ‘S’ मोड़ होगा इतिहास नई डबल टनल और वैली ब्रिज से 45 मिनट का सफर अब 10–15 मिनट में पूरा
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सतारा–पुणे सफर हुआ आसान, खंबाटकी घाट का ‘S’ मोड़ होगा इतिहास नई डबल टनल और वैली ब्रिज से 45 मिनट का सफर अब 10–15 मिनट में पूरा

पुणे: महाराष्ट्र में पुणे–सतारा मार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खंबाटकी घाट का खतरनाक ‘S’ आकार का मोड़ अब जल्द ही इतिहास बन जाएगा। इसके विकल्प के रूप में तीन-तीन लेन वाली दो नई टनल का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। छह साल से चल रहे इस काम में अब एक टनल शनिवार से हल्की गाड़ियों के लिए ट्रैफिक के लिए खोल दी गई है। खतरनाक ‘S’ शेप को मिलेगा अलविदा पुणे–सतारा हाईवे पर खंबाटकी घाट में मौजूदा घाट रोड में ‘S’ शेप का सीधा मोड़ है, जो कई बार हादसों का कारण बन चुका है। इस सड़क पर कुछ हिस्से डबल-लेन होने के बावजूद ट्रैफिक धीमा रहता है। खासकर वीकेंड और छुट्टियों में जाम आम बात हो गई थी। इस खतरनाक मोड़ को सुरक्षित रास्ते से बदलने के लिए NHAI ने दो नई टनल बनाने की योजना बनाई थी। काम कब शुरू हुआ और अब तक की प्रगति टनल निर्माण का काम फरवरी 2019 में शुरू हुआ था। हालांकि COVI...
बीजेपी ने एक दिन में पवार और ठाकरे ब्रांड की चमक फीकी नहीं की, कई गलतियां उद्धव और शरद पवार से हुई
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बीजेपी ने एक दिन में पवार और ठाकरे ब्रांड की चमक फीकी नहीं की, कई गलतियां उद्धव और शरद पवार से हुई

    मुंबई: महाराष्ट्र के बीएमसी और निकाय चुनावों के नतीजों ने राजनीति की पुरानी परंपराओं को झकझोर दिया है। लंबे समय तक जिन बड़े नेताओं का नाम किसी इलाके में जीत की गारंटी माना जाता था—जैसे ठाकरे परिवार और पवार फैमिली—उनकी चमक इस चुनाव में फीकी पड़ती नजर आई।   मुंबई में 25 साल बाद ठाकरे परिवार बीएमसी की सत्ता गंवा बैठा। उद्धव और राज ठाकरे का साथ इस बार कामयाब नहीं रहा। वहीं पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में शरद पवार और अजित पवार को करारी हार का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि परिवार का नाम जीत की गारंटी है, लेकिन इस बार भाजपा की आंधी ने यह नैरेटिव बदल दिया।   बाल ठाकरे की रणनीति और पार्टी की मजबूती बाल ठाकरे ने 70 के दशक से मुंबई में शिवसेना की शाखाओं का नेटवर्क मजबूत किया। मराठी मानूस की जरूरतों से जुड़ने और राम मंदिर आंदोलन के दौरान हिंदुत्व को जोड़ने ...
मुंबई बीएमसी चुनाव: संजय राउत का बड़ा बयान, BJP को सिर्फ 4 का बहुमत, ‘जयचंदों’ पर कटाक्ष
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मुंबई बीएमसी चुनाव: संजय राउत का बड़ा बयान, BJP को सिर्फ 4 का बहुमत, ‘जयचंदों’ पर कटाक्ष

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में मुंबई महा नगरपालिक (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद उद्धव ठाकरे के करीबी नेता और शिवसेना सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। राउत ने कहा कि मनसे को 6 सीटें मिलीं, वहीं शिवसेना-यूबीटी लगभग 12-13 सीटें बहुत कम अंतर से हार गईं। यदि वे जीत जातीं तो मुंबई की वर्तमान राजनीतिक तस्वीर कुछ और होती।   राउत ने कहा, “आज भाजपा और शिंदे गुट के पास महज चार सीटों का बहुमत है। महानगरपालिका के सदन में विपक्ष सबसे बड़ी ताकत के साथ मौजूद है। हम मुंबई को अडानी की जेब में नहीं डालने देंगे और ठेकेदारों का राज भी नहीं होने देंगे। हमारी पार्टी के 100 से अधिक पार्षद हर मोड़ पर ऐसी कोशिशों को रोकेंगे।”   उन्होंने कुछ पार्टी नेताओं पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, “हमारी पार्टी में कुछ ‘जयचंद’ थे। यदि वे नहीं होते तो भाजपा की 100 पीढ़ी भी मेयर नहीं बना पाती।” ...
महाराष्ट्र: मुंबई बीएमसी में खिला कमल, राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में बीजेपी की पकड़ मजबूत
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महाराष्ट्र: मुंबई बीएमसी में खिला कमल, राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में बीजेपी की पकड़ मजबूत

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के शहरों में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। मुंबई में पहली बार सत्ता भाजपा के हाथ में आई, जबकि अन्य महानगरपालिकाओं में भी उसकी पकड़ बढ़ी। विपक्षी दल बिखरते नजर आए।   भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 2,869 सीटों में से 1,425 पर जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे नंबर पर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना रही, जिसे 399 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 324 सीटों पर जीत मिली, जबकि शरद पवार की पार्टी 36 सीटों और अजित पवार की एनसीपी 167 सीटों पर सिमट गई।   किसे-कहां मिली सत्ता   | पार्टी                     | जीती महानगरपालिका                                                                              ...
बीएमसी चुनाव: कई दिग्गज नहीं बचा पाए अपना गढ़, पत्नी-भाई-बहन तक को झेलनी पड़ी हार
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बीएमसी चुनाव: कई दिग्गज नहीं बचा पाए अपना गढ़, पत्नी-भाई-बहन तक को झेलनी पड़ी हार

    शिवसेना के लगभग तीन दशक के वर्चस्व को तोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा-नीत गठबंधन को करीब 125 सीटें मिलने का अनुमान है। 74,427 करोड़ रुपये के बजट वाले देश के सबसे समृद्ध नगर निकाय में सत्ता परिवर्तन के साथ-साथ कई राजनीतिक दिग्गजों का किला भी ढह गया।   लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी बीएमसी चुनाव में बड़े नामों को करारी हार झेलनी पड़ी, जबकि कुछ पुराने चेहरे अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रहे।   दिग्गजों की हार   लगातार 25 वर्षों तक नगरसेवक रहे रवि राजा को प्रभाग 185 से पहली बार हार का सामना करना पड़ा। प्रभाग 43 से भाजपा के विनोद मिश्रा भी दूसरी बार चुनाव नहीं जीत सके। शिंदे गुट की चार बार की नगरसेविका राजुल पटेल को कांग्रेस की दिव्या सिंह...
‘मराठी हमारी सांस है’, बीएमसी नतीजों पर राउत के ‘जयचंद’ हमले के बाद बोले राज ठाकरे
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‘मराठी हमारी सांस है’, बीएमसी नतीजों पर राउत के ‘जयचंद’ हमले के बाद बोले राज ठाकरे

    मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) समेत महाराष्ट्र की 29 नगरपालिकाओं के चुनाव नतीजे सामने आने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की पहली प्रतिक्रिया आई है। बीएमसी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी)–मनसे गठबंधन को अपेक्षित सफलता न मिलने के बावजूद राज ठाकरे ने हार स्वीकार करते हुए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया और एक बार फिर मराठी अस्मिता का मुद्दा मजबूती से उठाया।   राज ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने एकनाथ शिंदे गुट पर ‘जयचंद’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए तीखा हमला बोला था। चुनाव नतीजों के बाद ठाकरे बंधुओं की यह पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है।   ‘यह सत्ता नहीं, वजूद की लड़ाई है’   राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह चुनाव आसान नहीं था। उन्होंने कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि मनसे को इ...
बीजेपी से नाता, पति से भरोसा बरकरार: नवनीत राणा ने अमरावती की चाबी थामकर रवि राणा को बनाया ‘किंगमेकर’
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बीजेपी से नाता, पति से भरोसा बरकरार: नवनीत राणा ने अमरावती की चाबी थामकर रवि राणा को बनाया ‘किंगमेकर’

  महाराष्ट्र में जहां मुंबई महानगरपालिका में बीजेपी की जीत की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है, वहीं विदर्भ के अमरावती में पार्टी को बड़ी कामयाबी दिलाने में फायरब्रांड नेता नवनीत राणा की अहम भूमिका रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद नवनीत राणा ने न सिर्फ कांग्रेस से अपनी पराजय का राजनीतिक बदला ले लिया, बल्कि अपने पति रवि राणा को भी स्थानीय राजनीति का ‘किंगमेकर’ बना दिया।   अमरावती महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी 87 सीटों वाली नगर निगम में 25 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इस जीत के पीछे नवनीत राणा की आक्रामक प्रचार रणनीति और जमीनी मेहनत को प्रमुख वजह माना जा रहा है। दिलचस्प यह है कि 2024 में नवनीत राणा अपने पति की पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं, लेकिन सत्ता की चाबी उन्होंने पति रवि राणा के हाथ में भी मजबूती से सौंप दी।   रवि राणा बने सत्ता...
बिहार में कड़ाके की ठंड के बीच लौटी धूप, लेकिन कोहरे और कनकनी से राहत नहीं
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बिहार में कड़ाके की ठंड के बीच लौटी धूप, लेकिन कोहरे और कनकनी से राहत नहीं

    पटना: कई हफ्तों तक घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बाद बिहार में मौसम में बदलाव आया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली, जिससे तापमान बढ़ा और निवासियों को कुछ राहत मिली। हालांकि सुबह और रात की ठंड अभी जारी है।   दिन में धूप, रातें ठंडी   सुपौल, भागलपुर, मुंगेर, गया और औरंगाबाद जैसे जिलों में दोपहर में धूप से गर्मी महसूस हो रही है। दिन का तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा ऊपर 20.6°C से 25.7°C के बीच रहा, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 5.9°C से 12.5°C के बीच दर्ज किया गया। भागलपुर के सबौर में न्यूनतम तापमान 5.9°C रिकॉर्ड हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय "गर्म दिन और ठंडी रातों" वाला मिश्रित शीतकालीन पैटर्न बना हुआ है।   उत्तरी बिहार में कोहरे की चुनौती   उत्तर बिहार के तराई जिलों—पश्चिम और पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर,...