
पुणे: महाराष्ट्र में पुणे–सतारा मार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खंबाटकी घाट का खतरनाक ‘S’ आकार का मोड़ अब जल्द ही इतिहास बन जाएगा। इसके विकल्प के रूप में तीन-तीन लेन वाली दो नई टनल का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। छह साल से चल रहे इस काम में अब एक टनल शनिवार से हल्की गाड़ियों के लिए ट्रैफिक के लिए खोल दी गई है।
खतरनाक ‘S’ शेप को मिलेगा अलविदा
पुणे–सतारा हाईवे पर खंबाटकी घाट में मौजूदा घाट रोड में ‘S’ शेप का सीधा मोड़ है, जो कई बार हादसों का कारण बन चुका है। इस सड़क पर कुछ हिस्से डबल-लेन होने के बावजूद ट्रैफिक धीमा रहता है। खासकर वीकेंड और छुट्टियों में जाम आम बात हो गई थी। इस खतरनाक मोड़ को सुरक्षित रास्ते से बदलने के लिए NHAI ने दो नई टनल बनाने की योजना बनाई थी।
काम कब शुरू हुआ और अब तक की प्रगति
टनल निर्माण का काम फरवरी 2019 में शुरू हुआ था। हालांकि COVID-19 महामारी और अन्य कारणों से गति कुछ धीमी रही। शुरुआत में तीन साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे अब मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
नई सड़क की लंबाई लगभग 6.46 किलोमीटर है। बाईं ओर 1307 मीटर और दाईं ओर 1224 मीटर की तीन-तीन लेन की डबल टनल बनाई जा रही है। इसके अलावा बाईं ओर 1104 मीटर और दाईं ओर 930 मीटर का वायडक्ट और पुणे की ओर नहर तक 15 प्रतिशत शेष वैली ब्रिज का काम चल रहा है।
समय और ईंधन की बचत
इन टनलों के बनने से खंबाटकी घाट पार करने में लगने वाला समय 45 मिनट से घटकर केवल 10–15 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी।
शनिवार को सतारा से पुणे जाने वाली टनल में हल्की गाड़ियों के लिए ट्रैफिक शुरू करने के लिए टेस्ट किया गया। इस मौके पर सतारा के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर संतोष पाटिल और कई अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षित यात्रा का वादा
टनल के पूरी तरह बनने के बाद मौजूदा सड़क को बंद किए जाने की संभावना है। इससे खतरनाक ‘S’ मोड़ इतिहास बन जाएगा और घाट पर होने वाले हादसों में कमी आएगी। NHAI अधिकारियों का कहना है कि नया मार्ग यात्रियों के लिए सुरक्षित और समय की दृष्टि से बेहद लाभकारी होगा।