
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के शहरों में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। बीएमसी समेत 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। मुंबई में पहली बार सत्ता भाजपा के हाथ में आई, जबकि अन्य महानगरपालिकाओं में भी उसकी पकड़ बढ़ी। विपक्षी दल बिखरते नजर आए।
भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 2,869 सीटों में से 1,425 पर जीत दर्ज की। इसके बाद दूसरे नंबर पर एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना रही, जिसे 399 सीटें मिलीं। कांग्रेस को 324 सीटों पर जीत मिली, जबकि शरद पवार की पार्टी 36 सीटों और अजित पवार की एनसीपी 167 सीटों पर सिमट गई।
किसे-कहां मिली सत्ता
| पार्टी | जीती महानगरपालिका |
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| बीजेपी | मुंबई, नवी मुंबई, उल्हासनगर, पनवेल, धुले, जलगांव, सांगली-मिराज-कुपवाड़ा, जालना, नासिक, पुणे, पिंपरी-चिंचवाड़, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नांदेड़-वाघला, इचल-करंजी, मीरा-भायंदर |
| शिवसेना (शिंदे) | ठाणे, कल्याण-डोंबिवली |
| एनसीपी (अजित) | अहिल्यानगर |
| शिवसेना (उद्धव ठाकरे) | परभणी |
| कांग्रेस | भिवंडी-निजामपुर, कोल्हापुर, चंद्रपुर, लातूर |
| बीवीए (बहुजन विकास आघाड़ी) | वसई-विरार |
| इस्लाम | मालेगांव |
बीजेपी ने कुल 19 महानगरपालिकाओं में जीत दर्ज कर अपना दबदबा कायम किया। मुंबई और पुणे में जीत के साथ पार्टी ने लंबे समय से देखे जा रहे राजनीतिक सपने को साकार किया।
बीजेपी ने मुंबई में पहली बार सत्ता पाई
मुंबई में जीत के साथ ही पहली बार बीएमसी का खजाना भाजपा के हाथ में आएगा। महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषक दयानंद नेने के अनुसार, जो सफर प्रमोद महाजन ने शुरू किया था, उसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (देवाभाऊ) ने पूरा किया।
शिवसेना खेमों में जारी जंग
मुंबई में हार के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा। शिवसेना नेता संजय राउत ने शिंदे को ‘जयचंद’ कहकर आलोचना की। अब देखना यह होगा कि 23 जनवरी को बाल ठाकरे का जन्मदिन आने पर दोनों शिवसेना गुट किस तरह आगे बढ़ते हैं। इस दिन मुंबई के मराठी हिंदू मेयर का नाम भी घोषित किया जा सकता है।