50% ट्रांसजेंडर्स आज भी परिवार से दूर, सिर्फ 10% से भी कम को मिलता परिवार का पूरा समर्थन
नई दिल्ली: एम्स दिल्ली ने साफ किया है कि ट्रांसजेंडर समाज समाज और परिवार का अभिन्न हिस्सा है। हालांकि, पिछले साल हुए सर्वे और केस स्टडी के अनुसार, करीब 50 फीसदी ट्रांसजेंडर आज भी परिवार से सहयोग के बिना जीवन जीने को मजबूर हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा 10 फीसदी से भी कम था। परिवार का सपोर्ट धीरे-धीरे बढ़कर 40-50 फीसदी तक पहुंचा है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है।
एम्स के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉक्टर मनीष सिंघल ने बताया कि पिछले साल करीब 50 ट्रांसजेंडरों के सर्जिकल प्रोसीजर किए गए। इस साल इस संख्या को दोगुना करने की योजना है। एम्स ने साल 2021 में ट्रांसजेंडर क्लिनिक शुरू की थी, जहां सोच और शारीरिक बदलाव दोनों के इलाज की जिम्मेदारी ली जाती है।
सोच और आत्मिक पहचान का अंतरएम्स के एंडोक्रिनोलॉजी विभाग के डॉक्टर राजेश खड़गावत ने बताया कि ट्रांसजेंडर के शरीर में कोई कमी नहीं होती। फर्क सिर्फ उ...










