Wednesday, March 4

Bihar

नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चंपारण कनेक्शन इतिहास से सियासत तक का ‘कॉम्बो’
Bihar, Politics, State

नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चंपारण कनेक्शन इतिहास से सियासत तक का ‘कॉम्बो’

        पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नई ‘समृद्धि यात्रा’ इस बार भी पश्चिम चंपारण से शुरू हो रही है। इसके पीछे सिर्फ राजनीतिक गणित ही नहीं, बल्कि इतिहास और श्रद्धा भी जुड़ी हुई है। नीतीश कुमार की महात्मा गांधी और बाबा भीम साहेब अंबेडकर में गहरी श्रद्धा रही है। इसलिए राज्य के विकास और जनता के हित के लिए आयोजित समृद्धि यात्रा की शुरुआत हमेशा चंपारण से ही होती है।   राजनीतिक तंत्र और नीतीश का निशाना   नीतीश कुमार जानते हैं कि पश्चिम चंपारण में भाजपा और जदयू की संयुक्त ताकत महागठबंधन को हराने में निर्णायक भूमिका निभाती है। 2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को 16 सीटें मिली थीं, जबकि 2025 में यह घटकर 11 रह गईं। यहां जातीय आधार पर बीजेपी के मतदाता ज्यादा हैं और जदयू के कम, इस कारण राजनीतिक रणनीति गठबंधन पर आधारित होती है।   महात्मा गांध...
लालू यादव के आवास पर इस बार नहीं सजेगी दही-चूड़ा की महफिल RJD ने बताया क्यों रद्द हुआ ‘चर्चित भोज’
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लालू यादव के आवास पर इस बार नहीं सजेगी दही-चूड़ा की महफिल RJD ने बताया क्यों रद्द हुआ ‘चर्चित भोज’

        पटना: बिहार की सियासत में मकर संक्रांति का अपना अलग महत्व रहा है। हर साल इस अवसर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आवास पर होने वाला ‘दही-चूड़ा भोज’ काफी चर्चित होता है और इसमें दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखने को मिलता है। लेकिन इस बार यह पारंपरिक महफिल शायद नहीं लगेगी।   राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बताया कि इस साल बड़े पैमाने पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण लालू यादव की सेहत है। मंगनी लाल मंडल ने कहा, “डॉक्टरों की सलाह लालू यादव जी के लिए सर्वोपरि है। उनकी दिनचर्या और खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और वे वही कर रहे हैं, जो डॉक्टरों ने निर्देशित किया है।”   भोज को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति तब साफ हुई जब मंगनी लाल मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर जाकर नेता...
कटिहार में फेरीवाले को बांग्लादेशी कहकर पीटा, 12 हजार रुपये भी लूटे
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कटिहार में फेरीवाले को बांग्लादेशी कहकर पीटा, 12 हजार रुपये भी लूटे

    कटिहार: बिहार के कटिहार जिले में एक फेरीवाले के साथ बांग्लादेशी कहकर मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। कोढ़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी अकमल हुसैन (25) गांव-गांव जाकर बर्तन बेचते हैं। 11 जनवरी की शाम करीब 5 बजे जब वह चकला गांव, समेली चौक थाना क्षेत्र में फेरी लगा रहे थे, तभी साइकिल से आए दो व्यक्तियों ने उन्हें नाम पूछकर गाली-गलौज शुरू कर दी और 'बाहरी और बांग्लादेशी' कहकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। इस दौरान उनके जेब में रखे 12 हजार रुपये भी लूट लिए गए। आरोपी फरार हो गए।   पीड़ित अकमल हुसैन ने पोठिया थाना और कोढ़ा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों ने मारपीट के दौरान कहा कि “फेरीवाले बांग्लादेशी यहां आकर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करते हैं।”   शेरशाहवादी विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो....
हाई कोर्ट ने मनमाने ढंग से गाड़ियों की नीलामी पर सख्त रुख अपनाया आरा DFO प्रद्युम्न गौरव का ट्रांसफर हेडक्वार्टर का आदेश
Bihar, State

हाई कोर्ट ने मनमाने ढंग से गाड़ियों की नीलामी पर सख्त रुख अपनाया आरा DFO प्रद्युम्न गौरव का ट्रांसफर हेडक्वार्टर का आदेश

      पटना: पटना हाई कोर्ट ने रोहतास के तत्कालीन डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) प्रद्युम्न गौरव की मनमानी कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें आरा (भोजपुर) से हटाने और हेडक्वार्टर ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। जस्टिस संदीप कुमार की एकल पीठ ने राज्य के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया।   मामला दीपक कुमार सिंह और 17 अन्य वाहन मालिकों की याचिकाओं से जुड़ा है। आरोप है कि जब प्रद्युम्न गौरव रोहतास के DFO थे, तब उन्होंने एक दर्जन से अधिक ट्रांसपोर्टरों के भारी वाहनों को जब्त कर नीलामी का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई याचिकाओं की हाई कोर्ट में लंबित होने के बावजूद की गई थी।   जस्टिस संदीप कुमार ने टिप्पणी की, “भोजपुर के डीएफओ प्रद्युम्न गौरव के कामों में एक परेशान करने वाला ट्रेंड दिखता है। उन्होंने रोहतास में पद रहते हुए ...
घर बैठे करें जमीन या मकान की रजिस्ट्री, बुजुर्गों के लिए CM नीतीश का बड़ा तोहफा
Bihar, State

घर बैठे करें जमीन या मकान की रजिस्ट्री, बुजुर्गों के लिए CM नीतीश का बड़ा तोहफा

    पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए एक अहम सुविधा की घोषणा की है। अब इस उम्र के लोग फ्लैट या जमीन की रजिस्ट्री के लिए सरकारी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाएंगे, बल्कि उनकी रजिस्ट्री उनके घर पर ही पूरी की जाएगी।   मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहल सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' के तहत राज्य के नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि अक्सर बुजुर्ग नागरिकों को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे आसान बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।   कैसे मिलेगी सुविधा:   80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की चलंत निबंधन इकाई के माध्यम से दस्तावेजों का निबंधन उन...
तेजस्वी की चुप्पी या बड़े तूफान की आहट?  राजद के ‘मंथन काल’ के पीछे रणनीति तैयार
Bihar, Madhya Pradesh, State

तेजस्वी की चुप्पी या बड़े तूफान की आहट? राजद के ‘मंथन काल’ के पीछे रणनीति तैयार

        पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव बेहद कम बोल रहे हैं। मीडिया के सामने भी आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और काफी समय तक विदेश दौरे पर रहे। उनके इस मौन के पीछे कई मायने निकाले जा रहे हैं। राजद सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर नई रणनीति तैयार कर ली है।   राजनीतिक जानकारों के अनुसार, तेजस्वी यादव का यह मौन ‘मंथन काल’ है। चुनावी हार के बाद पार्टी और संगठन के कई मुद्दों पर चिंतन करना आवश्यक होता है। तेजस्वी यादव इस समय सामाजिक समीकरण, संगठनिक मजबूती और आगामी चुनाव की रणनीति पर गहन मंथन कर रहे हैं।     गठबंधन और साथी दलों का मूल्यांकन   तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के साथी दलों की ताकत और कमजोरियों का मूल्यांकन किया है। पिछले चुनाव में बूथ स्तर पर गठबंधन की एकजुट...
तिरहुत में बिहार चुनाव का NDA का दबदबा, समृद्धि यात्रा में नीतीश कुमार दे सकते हैं जनता को ‘रिटर्न गिफ्ट’
Bihar, State

तिरहुत में बिहार चुनाव का NDA का दबदबा, समृद्धि यात्रा में नीतीश कुमार दे सकते हैं जनता को ‘रिटर्न गिफ्ट’

    पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मकर संक्रांति के बाद राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेषकर ‘प्रगति यात्रा’ और ‘सात निश्चय’ के जमीनी क्रियान्वयन का मूल्यांकन करना है। यात्रा के कई चरण होंगे और इसमें तिरहुत प्रमंडल को विशेष महत्व दिया गया है।   तिरहुत प्रमंडल बिहार का ऐतिहासिक और प्रशासनिक केंद्र है, जिसमें छह जिले शामिल हैं: मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली। यहाँ कुल 49 विधानसभा सीटें हैं।   मुजफ्फरपुर: 11 सीटें पूर्वी चंपारण: 12 सीटें पश्चिम चंपारण: 9 सीटें सीतामढ़ी: 8 सीटें शिवहर: 1 सीट वैशाली: 8 सीटें   पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में तिरहुत मंडल NDA के लिए सबसे बड़ा किला साबित हुआ। जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत...
नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला: मुंबई में बनेगा बिहार भवन, 314 करोड़ की मंजूरी; कृषि–शिक्षा में बंपर बहाली
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नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला: मुंबई में बनेगा बिहार भवन, 314 करोड़ की मंजूरी; कृषि–शिक्षा में बंपर बहाली

  बिहार में रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में नीतीश सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक का फोकस युवाओं को सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सुधार और राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी को मजबूत करने पर रहा।   कैबिनेट के फैसलों से कृषि, शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव की राह खुलेगी, वहीं मुंबई जैसे महानगर में बिहार की पहचान को भी नया आयाम मिलेगा।     कृषि विभाग में 694 नए पद, युवाओं को मिलेगा रोजगार   राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए बंपर बहाली को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने—   कृषि विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 534 नए पद, पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 पद,   इस तरह कुल 694 पदों के सृजन को स्वीकृति द...
न्याय से समृद्धि तक: 20 वर्षों में ‘सुशासन’ की 17वीं यात्रा, नीतीश के लिए क्यों लकी है चंपारण की धरती
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न्याय से समृद्धि तक: 20 वर्षों में ‘सुशासन’ की 17वीं यात्रा, नीतीश के लिए क्यों लकी है चंपारण की धरती

    बिहार की राजनीति में ‘यात्राओं के नायक’ के रूप में पहचान बना चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर जनता के बीच उतरने जा रहे हैं। 16 जनवरी 2026 से वे अपनी 17वीं राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। यह यात्रा न केवल उनके बीस वर्षों के शासनकाल का लेखा-जोखा है, बल्कि आने वाले पांच वर्षों के विकास रोडमैप का भी संकेत मानी जा रही है।   नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्राओं का यह सिलसिला वर्ष 2005 की ‘न्याय यात्रा’ से शुरू हुआ था, जिसने सत्ता परिवर्तन की नींव रखी। अब 2025 के विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत के साथ मिली प्रचंड जीत के बाद, ‘समृद्धि यात्रा’ उनके सुशासन को आर्थिक और सामाजिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की कोशिश है।     न्याय से समृद्धि तक का दो दशक लंबा सफर   12 जुलाई 2005 को तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार के खिलाफ न्याय की आवाज बुलं...
मुंबई–पुणे एक्सप्रेस-वे मॉडल क्या है? इसी तर्ज पर बिहार में बनेंगे पांच नए हाईवे
Bihar, State

मुंबई–पुणे एक्सप्रेस-वे मॉडल क्या है? इसी तर्ज पर बिहार में बनेंगे पांच नए हाईवे

    बिहार में सड़कों और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। पथ निर्माण एवं उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने घोषणा की है कि राज्य में मुंबई–पुणे एक्सप्रेस-वे मॉडल की तर्ज पर पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार के किसी भी कोने से राजधानी पटना तक की दूरी पांच घंटे के भीतर तय की जा सकेगी।   मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मुख्य फोकस राज्य की कनेक्टिविटी को मजबूत करना है, ताकि उद्योग, व्यापार और रोजगार को गति मिल सके। इसी लक्ष्य के तहत मास्टर रोड मैप पर तेजी से काम किया जा रहा है।     क्या है मुंबई–पुणे एक्सप्रेस-वे मॉडल?   मुंबई–पुणे एक्सप्रेस-वे देश का पहला सिक्स लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इसकी कुल लंबाई लगभग 95 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेस-वे का निर्म...