Saturday, June 20

This slideshow requires JavaScript.

हाई कोर्ट ने मनमाने ढंग से गाड़ियों की नीलामी पर सख्त रुख अपनाया आरा DFO प्रद्युम्न गौरव का ट्रांसफर हेडक्वार्टर का आदेश

 

This slideshow requires JavaScript.

 

 

पटना: पटना हाई कोर्ट ने रोहतास के तत्कालीन डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) प्रद्युम्न गौरव की मनमानी कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें आरा (भोजपुर) से हटाने और हेडक्वार्टर ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। जस्टिस संदीप कुमार की एकल पीठ ने राज्य के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया।

 

मामला दीपक कुमार सिंह और 17 अन्य वाहन मालिकों की याचिकाओं से जुड़ा है। आरोप है कि जब प्रद्युम्न गौरव रोहतास के DFO थे, तब उन्होंने एक दर्जन से अधिक ट्रांसपोर्टरों के भारी वाहनों को जब्त कर नीलामी का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई याचिकाओं की हाई कोर्ट में लंबित होने के बावजूद की गई थी।

 

जस्टिस संदीप कुमार ने टिप्पणी की, “भोजपुर के डीएफओ प्रद्युम्न गौरव के कामों में एक परेशान करने वाला ट्रेंड दिखता है। उन्होंने रोहतास में पद रहते हुए मनमाने ढंग से और बिना सोचे-समझे काम किया। जब याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उनकी रिट याचिकाएं कोर्ट में लंबित हैं, तब उन्होंने कोर्ट को बिना बताए वाहनों की नीलामी करवा दी। ऐसे अधिकारी को आरा जैसे जिम्मेदार पद पर नहीं रहना चाहिए।”

 

इस मामले में अधिकारी के खिलाफ कुल 18 याचिकाएं दायर की गई हैं। एक याचिकाकर्ता संतोष कुमार ने बताया कि उनके ट्रक के लिए इंटर-स्टेट परमिट होने के बावजूद डीएफओ ने अवैध रूप से उसे जब्त कर लिया।

 

मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील अनंत प्रसाद सिंह ने बताया कि सरकार ने डीएफओ के ट्रांसफर के आदेश के खिलाफ डिविजन बेंच में इंट्रा-कोर्ट अपील दायर की है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को सिंगल बेंच में होगी।

 

Leave a Reply