Wednesday, March 4

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‘मुन्ना शुक्ला का भतीजा हूं, चीर-फाड़ कर दूंगा!’—बाइक विवाद में फंसे स्टेशन मास्टर ने अब हाथ जोड़कर मांगी माफी
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‘मुन्ना शुक्ला का भतीजा हूं, चीर-फाड़ कर दूंगा!’—बाइक विवाद में फंसे स्टेशन मास्टर ने अब हाथ जोड़कर मांगी माफी

  सब-हेडलाइन: वैशाली के लालगंज स्टेशन मास्टर ने युवकों को डराने के लिए झूठा दावा किया, जांच में निकली फर्जी जानकारी   मुख्य खबर: हाजीपुर: बिहार के वैशाली जिले में लालगंज स्टेशन मास्टर मनोज कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे युवकों को धमकाने के लिए खुद को इलाके के चर्चित बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला का भतीजा बता रहे हैं। वीडियो में स्टेशन मास्टर कह रहे हैं, "अरे तुम जानता है, हम कौन हैं? हम मुन्ना शुक्ला के भतीजे हैं। चीर के फाड़ के कहां पहुंचा देंगे, समझता है तुम?"   वीडियो 42 सेकंड लंबा है और इसमें मनोज कुमार जैकेट और टोपी पहने युवकों को बेहद आक्रामक अंदाज में धमका रहे हैं। जब एक युवक ने जवाब दिया कि उसका घर भी मुन्ना शुक्ला के पास ही है, तब भी स्टेशन मास्टर अपनी धौंस दिखाते रहे।   पूरा विवाद स्टेशन परिसर में बाइक चलाने को लेकर शुरू हुआ थ...
‘तेज प्रताप को हमारा आशीर्वाद है, वो आगे बढ़े’: दही-चूड़ा भोज में लालू यादव ने दिया कामयाबी का वरदान
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‘तेज प्रताप को हमारा आशीर्वाद है, वो आगे बढ़े’: दही-चूड़ा भोज में लालू यादव ने दिया कामयाबी का वरदान

  सब-हेडलाइन: राजद सुप्रीमो लालू यादव और बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर हुए शामिल   मुख्य खबर: पटना: जनशक्ति जनता दल सुप्रीमो तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन हुआ। इस खास अवसर पर पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी पहुंचे और सभी को पर्व की बधाई दी। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "तेज प्रताप को हमारा आशीर्वाद है। वो आगे बढ़े, तरक्की करे।"   भोज में शामिल होने के लिए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद रहे। लालू यादव और राज्यपाल दोनों एक-दूसरे के पास सोफे पर बैठे नजर आए। हालांकि, लालू यादव ने स्वास्थ्य कारणों से भोज में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। इस दौरान राज्यपाल ने उनका हाथ पकड़कर खड़ा किया।   तेज प्रताप यादव ने बताया कि दही बेगूसराय, जबकि चूड़ा और तिलकुट ...
बिंदेश्वरी दुबे जयंती: वही इंजीनियरिंग कॉलेज, जहां पढ़े नीतीश कुमार, पहले बने थे मुख्यमंत्री
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बिंदेश्वरी दुबे जयंती: वही इंजीनियरिंग कॉलेज, जहां पढ़े नीतीश कुमार, पहले बने थे मुख्यमंत्री

  पटना: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दुबे की आज 14 जनवरी को जयंती है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने उसी बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (अब NIT पटना) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी, जहां से वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी शिक्षा पूरी की।   बिंदेश्वरी दुबे का जन्म भोजपुर जिले के महुआंवा (शाहपुर) गांव में हुआ था। पढ़ाई में तेज होने के बावजूद उनके पिता चाहते थे कि वे खेती में मदद करें। लेकिन बिंदेश्वरी दुबे की शिक्षा के प्रति लगन इतनी प्रबल थी कि वे घर से भाग कर पटना आ गए और अपने मामा के पास रहकर संत माइकल स्कूल में पढ़ने लगे। गणित और भौतिकी में उत्कृष्ट अंक पाने वाले दुबे ने पढ़ाई का खर्च जुटाने के लिए ट्यूशन पढ़ाई और नाइट शिफ्ट नौकरी की।   1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बिंदेश्वरी दुबे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और गांधी जी के अनुयायी बनकर ...
IIT पटना प्लेसमेंट धमाका: 19 साल में 1.17 करोड़ रुपये का पैकेज, Google और Microsoft जैसी कंपनियों का जलवा
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IIT पटना प्लेसमेंट धमाका: 19 साल में 1.17 करोड़ रुपये का पैकेज, Google और Microsoft जैसी कंपनियों का जलवा

    पटना: IIT पटना के प्लेसमेंट सीजन 2026 की शुरुआत धमाकेदार रही है। इस साल गूगल ने दो छात्रों को सालाना 1 करोड़ 17 लाख रुपये का शानदार ऑफर दिया। वहीं, कुल 19 छात्रों को आकर्षक पैकेज मिले हैं। बीटेक 2026 बैच का औसत पैकेज इस साल 26 लाख रुपये पार कर गया, जो पिछले साल से 17.66% अधिक है। MTech छात्रों का औसत पैकेज भी 16 लाख रुपये के ऊपर रहा।   संस्थान के कुलसचिव एके ठाकुर ने बताया कि इस उछाल का मुख्य कारण IIT पटना की बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और उद्योगों के साथ मजबूत तालमेल है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियों के अलावा HCL, BPCL और सैमसंग जैसी कंपनियों ने भी इस साल छात्रों को जॉब ऑफर दिए।   इस साल प्लेसमेंट का सबसे बड़ा आकर्षण गूगल रहा। दो छात्रों को 1.17 करोड़ का पैकेज मिला, जबकि चार छात्रों ने जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह पक्की की। प्लेसमेंट अधि...
यात्राओं पर नीतीश को इतना भरोसा क्यों? जनता के बीच जाने में छिपा है सीएम का जादू
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यात्राओं पर नीतीश को इतना भरोसा क्यों? जनता के बीच जाने में छिपा है सीएम का जादू

  पटना: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की यात्राओं का विशेष स्थान रहा है। 2005 की 'न्याय यात्रा' से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी उनकी रणनीति का अहम हिस्सा है। इन यात्राओं के जरिए वे न केवल जनसमर्थन का सटीक आकलन करते हैं, बल्कि विरोध की लहर को भी समय रहते भांप लेते हैं।   2005 की 'न्याय यात्रा' बनी टर्निंग पॉइंट   नीतीश कुमार के यात्रा प्रेम की शुरुआत फरवरी 2005 में हुई। उस समय बिहार त्रिशंकु विधानसभा और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा था। राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद नीतीश ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने के लिए उन्होंने 'न्याय यात्रा' निकाली। यह यात्रा जादुई असर दिखा गई और उसके बाद हुए चुनावों में नीतीश समर्थित एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला। इस ऐतिहासिक सफलता ने नीतीश के मन में यात्राओं के प्रति स्थायी विश्वास पैदा किया।   जनता ...
मैडम के ठुमकों ने खिलाई जेल की हवा! बेगूसराय में रेल ट्रैक पर रील बना युवक और महिला गिरफ्तार
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मैडम के ठुमकों ने खिलाई जेल की हवा! बेगूसराय में रेल ट्रैक पर रील बना युवक और महिला गिरफ्तार

    बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में रेलवे ट्रैक पर रील बनाना एक महिला और युवक को भारी पड़ गया। बरौनी-कटिहार रेल खंड के लखमीनियां स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर डांस करते हुए उनका वीडियो सामने आने के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई की।   रेलवे ट्रैक पर रील बनाना पड़ा भारी   जान जोखिम में डालकर 28 दिसंबर 2025 को बने इस वीडियो की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय आरपीएफ ने जांच शुरू की। पता चला कि वीडियो में डांस कर रही महिला अरुणा देवी उर्फ रुबी कुमारी, और युवक गौरव कुमार, जबकि वीडियो शूट करने वाला युवक नीतीश कुमार है।   वीडियो 12 जनवरी को सोनपुर कंट्रोल रूम के पास पहुंचा और फिर आरपीएफ के हाथ लगा। इसके बाद तीनों के खिलाफ रेल क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश, रेल सुविधा में बाधा डालना और लापरवाही पूर्वक वीडियो बनाने का मामला दर्ज किया गया।   गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत   ...
Mountain Man दशरथ मांझी: भगवान के भरोसे मत बैठिए, इंसान का हौसला पहाड़ भी चीर सकता है
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Mountain Man दशरथ मांझी: भगवान के भरोसे मत बैठिए, इंसान का हौसला पहाड़ भी चीर सकता है

    गयाजी: 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की कहानी अटूट संकल्प और जिद का प्रतीक है। जब पहाड़ की वजह से समय पर इलाज न मिलने पर उनकी पत्नी फल्गुनी देवी का निधन हुआ, तो दशरथ ने अकेले ही पहाड़ का सीना चीरने का निर्णय लिया। 22 वर्षों की कठिन मेहनत से उन्होंने रास्ता बना कर साबित किया कि इंसान के हौसले के आगे कुदरत भी झुक जाती है।   पत्नी की मृत्यु और ठान लिया लक्ष्य   साल 1959 में गेहलौर की दुर्गम पहाड़ियों पर फल्गुनी देवी का पैर फिसल गया और अस्पताल तक पहुँचने में देरी के कारण उनका निधन हो गया। इस घटना ने दशरथ मांझी के जीवन का मार्ग बदल दिया। उन्होंने ठान लिया: “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं।”   22 साल की मेहनत और अविश्वसनीय उपलब्धि   दशरथ मांझी ने 1960 से 1982 तक अकेले ही 360 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 25 फीट ऊंचा रास्ता खोदा। कठोर क्वार्टजाइट की चट्...
बिहार: मंत्रियों और विधायकों को दो सरकारी आवास, नीतीश सरकार ने रखी ये शर्तें
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बिहार: मंत्रियों और विधायकों को दो सरकारी आवास, नीतीश सरकार ने रखी ये शर्तें

    पटना: बिहार सरकार ने मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति व उपसभापति और विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को दो-दो सरकारी आवास देने का फैसला किया है। इसके लिए कुछ शर्तें और किराया निर्धारित किया गया है।   कौन-कौन मिलेंगे अतिरिक्त आवास?   बिहार की नीतीश सरकार ने विधानमंडल के वरिष्ठ सदस्यों के लिए भी अतिरिक्त आवास का प्रावधान रखा है, चाहे वे वर्तमान में मंत्रिपरिषद के सदस्य न हों। केंद्रीय पूल और विधानमंडल पूल से कुल 15 अतिरिक्त आवास सशर्त रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। शर्तें इस प्रकार हैं:   कम से कम छह बार विधानमंडल के सदस्य रहे हों। कम से कम एक बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों। कम से कम तीन बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों। या पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री रहे हों।   भवन निर्माण विभाग की तैयारी   भवन निर्माण विभ...
बिहार: दो महिला सिपाहियों के साथ ‘ऑन ड्यूटी’ इंस्पेक्टर सिलीगुड़ी गए, रास्ते में विवाद ने खोली पोल
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बिहार: दो महिला सिपाहियों के साथ ‘ऑन ड्यूटी’ इंस्पेक्टर सिलीगुड़ी गए, रास्ते में विवाद ने खोली पोल

    किशनगंज: बिहार उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी बिना किसी अनुमति के दो महिला कॉन्स्टेबलों के साथ निजी वाहन से सिलीगुड़ी निकल गए। लौटते समय बागडोगरा (दार्जिलिंग) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ओवरटेकिंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। यह मामला अब विभागीय जांच के घेरे में है।   कैसे हुआ मामला उजागर   सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर संगम विद्यार्थी और दो महिला कॉन्स्टेबल किशनगंज से सिलीगुड़ी गए। किसी को जानकारी तक नहीं थी कि यह दौरा किस उद्देश्य से किया गया। रास्ते में तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के आरोप में स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक लिया। ग्रामीणों का दावा है कि विरोध न होता तो सामने वाली गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी।   हंगामा इतना बढ़ गया कि सड़क पर बैरिकेडिंग लग गई और दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। बागडोगरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच...
नीतीश कुमार के निशांत के लिए ‘बैरम खान’ बन सकते हैं आरसीपी सिंह? बिहार की राजनीति में नए उलटफेर के संकेत
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नीतीश कुमार के निशांत के लिए ‘बैरम खान’ बन सकते हैं आरसीपी सिंह? बिहार की राजनीति में नए उलटफेर के संकेत

      पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा गरम है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) जदयू में वापसी करेंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीतिक सफर में ‘बैरम खान’ की भूमिका निभाएंगे?   राजनीतिक हलकों में यह चर्चा इसलिए तेज हो गई है क्योंकि हालिया कार्यक्रम में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की समान मंच पर मौजूदगी ने राजनीतिक संकेत दे दिए हैं। पटेल सेवा संघ की ओर से आयोजित मकर संक्रांति भोज में दोनों नेताओं का अलग-अलग समय पर आगमन और ‘नीतीश आरसीपी एक हों’ के नारे इसे और रोचक बनाते हैं।   बैरम खान से राजनीतिक समानता   इतिहास में बैरम खान मुगल बादशाह बाबर के पुत्र हुमायूं के साये की तरह काम कर इतिहास बदलने वाला शख्स था। नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के संबंधों की तुलना इसी से की जा र...