Saturday, January 10

ग्रीनलैंड पर सैन्य हमला करेगा अमेरिका? इटली पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने किया बड़ा दावा

रोम, 10 जनवरी 2026: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। मेलोनी ने कहा कि किसी भी तरह की मिलिट्री कार्रवाई किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होगी और इस मामले का शांतिपूर्ण हल निकाले जाने की संभावना है।

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इस बयान का ऐलान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा जताई थी और इसके लिए सैन्य विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही थी। ट्रंप प्रशासन के इस रुख ने न सिर्फ ग्रीनलैंड बल्कि पूरे यूरोप में चिंता पैदा कर दी है।

मेलोनी ने शुक्रवार को नए साल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे विश्वास नहीं है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए मिलिट्री का इस्तेमाल करेगा। ग्रीनलैंड में किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई किसी के भी हित में नहीं होगी और इसका नाटो पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आर्कटिक क्षेत्र में NATO की भूमिका को मजबूत किया जाना चाहिए। इटली किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा और इस पूरे मामले को बिना टकराव के हल करने पर जोर दिया।

वाइट हाउस ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा था कि अमेरिकी प्रशासन कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसमें रणनीतिक और खनिज समृद्ध द्वीप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। इस बयान ने डेनमार्क के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड में हलचल मचा दी है।

ग्रीनलैंड का भूगोल और महत्व
ग्रीनलैंड उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक सागर के बीच स्थित दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है। भौगोलिक रूप से यह उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से डेनमार्क के अधीन है। द्वीप की सुरक्षा और विदेश नीति डेनमार्क के पास है। ग्रीनलैंड की आबादी लगभग 57,000 है।

अमेरिका वर्षों से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा रखता आया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि चीन और रूस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर इस द्वीप पर अमेरिकी नियंत्रण जरूरी है।

 

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