Tuesday, April 7

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जिद या जुनून? संघर्षों से जूझकर अफसर बनी मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा
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जिद या जुनून? संघर्षों से जूझकर अफसर बनी मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा

सफलता क्या जिद से मिलती है या फिर न रुकने वाले जुनून से? अगर मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा की कहानी देखी जाए, तो जवाब साफ है—जब इरादे अडिग हों, तो हालात भी हार मान लेते हैं। मां को खोने का गहरा दुख, समाज का शादी का दबाव, आर्थिक तंगी और अकेलापन… इन सबके बावजूद संजू ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और आखिरकार UPPCS परीक्षा 2018 पास कर कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) बन गईं। मेरठ जिले की रहने वाली संजू रानी वर्मा ने ग्रेजुएशन के बाद प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। वर्ष 2008 से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। शुरुआती लक्ष्य UPSC था और वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार परीक्षा दी। उन्हें मेंस लिखने का अवसर भी मिला, लेकिन पारिवारिक और निजी परिस्थितियों के चलते बीच में तैयारी रोकनी पड़ी। मां के निधन के बाद बदली जिंदगी संजू के जीवन में असली संघर्ष 2013 में शुरू हुआ, जब उनकी म...
दुनिया की नजरों में ग्रीनलैंड | भारतीयों के लिए भी खुल रहे नौकरी के मौके, इन सेक्टरों में है सबसे ज्यादा डिमांड
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दुनिया की नजरों में ग्रीनलैंड | भारतीयों के लिए भी खुल रहे नौकरी के मौके, इन सेक्टरों में है सबसे ज्यादा डिमांड

नई दिल्ली, 23 जनवरी।दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड इन दिनों अंतरराष्ट्रीय राजनीति और रणनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर रुचि जताए जाने के बाद यह इलाका वैश्विक सुर्खियों में आ गया है। हालांकि राजनीतिक हलचलों के बीच ग्रीनलैंड रोजगार के लिहाज से भी बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बनकर उभर रहा है, जहां भारतीय समेत विदेशी वर्कर्स के लिए नौकरी के अवसर मौजूद हैं। करीब 80 प्रतिशत बर्फ से ढका ग्रीनलैंड भले ही दुनिया की सबसे कठिन जगहों में गिना जाता हो, लेकिन यहां की कुछ प्रमुख इंडस्ट्रीज तेजी से फल-फूल रही हैं। इन्हीं सेक्टरों में विदेशी वर्कर्स की लगातार जरूरत पड़ती है। खास बात यह है कि यहां औसतन सैलरी काफी ऊंची मानी जाती है, क्योंकि काम ज्यादातर हाई-स्किल और जोखिम से जुड़ा होता है। ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन इसे स्वायत्तता प्राप्त है। इस कारण यहां डेनमार्...
H-1B वर्कर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें | कंपनियों में अचानक जांच, इमिग्रेशन एक्सपर्ट ने किया अलर्ट
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H-1B वर्कर्स के लिए बढ़ी मुश्किलें | कंपनियों में अचानक जांच, इमिग्रेशन एक्सपर्ट ने किया अलर्ट

नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 23 जनवरी।अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों, खासकर भारतीय वर्कर्स के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के कंपनियों में अचानक निरीक्षण (Inspection) कर रहे हैं। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सख्ती के चलते कई कर्मचारियों पर कार्रवाई甚至 डिपोर्टेशन का खतरा भी मंडरा सकता है। ह्यूस्टन स्थित इमिग्रेशन विशेषज्ञ डेनियल रामिरेज ने इस स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार, USCIS (United States Citizenship and Immigration Services) की फ्रॉड डिटेक्शन डिवीजन उन कंपनियों की गहन जांच कर रही है, जो बड़ी संख्या में H-1B वर्कर्स को नियुक्त करती हैं। जांच के दौरान कंपनियों की फाइलें ऑडिट की जा रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि H-1B हायरिंग नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या न...
विदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई | THE रैंकिंग 2026 में ये 10 यूनिवर्सिटीज बनीं टॉप चॉइस
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विदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई | THE रैंकिंग 2026 में ये 10 यूनिवर्सिटीज बनीं टॉप चॉइस

नई दिल्ली, 22 जनवरी।हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना अब केवल सपना नहीं, बल्कि हजारों भारतीय छात्रों की वास्तविक पसंद बन चुका है। बेहतर शिक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, आकर्षक करियर अवसर और ऊंची सैलरी की संभावनाओं के चलते हर साल बड़ी संख्या में छात्र विदेशों का रुख कर रहे हैं। खासतौर पर इंजीनियरिंग उन कोर्सों में शामिल है, जिसके लिए भारतीय छात्र सबसे अधिक विदेशी विश्वविद्यालयों को चुनते हैं। अगर आप भी विदेश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) ने सब्जेक्ट रैंकिंग 2026 जारी कर दी है, जिसमें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज की सूची सामने आई है। इस रैंकिंग में अमेरिका का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला है, वहीं चीन और सिंगापुर की यूनिवर्सिटीज ने भी सभी को चौंकाया है। इंजीनियरिंग के लिए दुनिया की टॉप-1...
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर 10 पंक्तियाँ, भाषण में बटोरें खूब तालियाँ
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर 10 पंक्तियाँ, भाषण में बटोरें खूब तालियाँ

नई दिल्ली, 22 जनवरी।भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और अदम्य साहस के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन केवल एक महापुरुष को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, बलिदान और देशभक्ति की भावना को पुनः जागृत करने का पर्व है। शैक्षणिक संस्थानों में इस अवसर पर भाषण, निबंध और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। नेताजी का जीवन और विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका ओजस्वी नेतृत्व, क्रांतिकारी सोच और आज़ादी के लिए दिया गया संदेश हर पीढ़ी को देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है। पराक्रम दिवस और सुभाष चंद्र बोस जयंती पर 10 पंक्तियाँ (भाषण-निबंध के लिए) हर वर्ष 23 जनवरी को पराक्रम दिवस बहादुरी और देशभक्ति के सम्मान में मनाया जाता है। इस दिन महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्...
बसंत पंचमी 2026 | ‘या कुंदेन्दु…’ सरस्वती वंदना का अर्थ जानकर गाएं, बढ़ेगा श्रद्धा और भाव
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बसंत पंचमी 2026 | ‘या कुंदेन्दु…’ सरस्वती वंदना का अर्थ जानकर गाएं, बढ़ेगा श्रद्धा और भाव

नई दिल्ली, 22 जनवरी।ज्ञान, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व बसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह दिन स्कूली बच्चों और छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस अवसर पर विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा और वंदना का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाता है। बसंत पंचमी को आमतौर पर सरस्वती पूजा के नाम से जाना जाता है। इस दिन विद्यार्थी मां सरस्वती से विद्या, विवेक और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सबसे अधिक गाई जाने वाली वंदना है—‘या कुंदेन्दु तुषार हार धवला…’हालांकि यह श्लोक प्रायः संस्कृत में गाया जाता है, लेकिन इसके भाव और अर्थ से बहुत-से विद्यार्थी अनजान रहते हैं। सरस्वती वंदना (संस्कृत श्लोक) या कुन्देन्दुतुषारहार...
बसंत पंचमी 2026 | निबंध और भाषण के लिए उपयोगी 10 पंक्तियाँ, जानिए पर्व का महत्व
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बसंत पंचमी 2026 | निबंध और भाषण के लिए उपयोगी 10 पंक्तियाँ, जानिए पर्व का महत्व

नई दिल्ली, 22 जनवरी।ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व बसंत पंचमी इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ऋतुराज बसंत के आगमन का संदेश भी देता है। इसी अवसर पर देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और सांस्कृतिक संस्थानों में निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। विद्यार्थियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन लोग पीले वस्त्र धारण करते हैं, मां सरस्वती की आराधना करते हैं और ज्ञान, बुद्धि व रचनात्मकता के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। बसंत पंचमी पर 10 पंक्तियाँ (निबंध और भाषण के लिए) बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जिसे ऋतुओं का राजा कहा जाता है। बस...
पराक्रम दिवस विशेष  नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे आज भी भरते हैं युवाओं में जोश
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पराक्रम दिवस विशेष नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नारे आज भी भरते हैं युवाओं में जोश

भारत की आज़ादी के संघर्ष को नई दिशा देने वाले महान क्रांतिकारी नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति के संकल्प को दोहराने का अवसर है। नेताजी के ओजस्वी विचार और क्रांतिकारी नारे आज भी युवाओं के रक्त में ऊर्जा और आत्मविश्वास भर देते हैं। सुभाष चंद्र बोस उन विरले राष्ट्रनायकों में थे, जिन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—“आजादी दी नहीं जाती, ली जाती है।”उनका यह विश्वास था कि स्वतंत्रता के लिए केवल मांग नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और बलिदान आवश्यक है। वर्ष 1943 में आजाद हिंद फौज का नेतृत्व कर उन्होंने भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। युवाओं के लिए प्रेरणा बने नेताजी के विचार नेताजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प...
SAI Vacancy 2026: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में असिस्टेंट कोच बनने का मौका, 26 खेलों में 323 पदों पर भर्ती
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SAI Vacancy 2026: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में असिस्टेंट कोच बनने का मौका, 26 खेलों में 323 पदों पर भर्ती

  नई दिल्ली: अगर खेल के मैदान में अनुभव है और अब उसी जुनून को करियर में बदलना चाहते हैं, तो आपके लिए सुनहरा मौका है। भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India – SAI) ने असिस्टेंट कोच भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत 26 अलग-अलग खेलों में कुल 323 पद भरे जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के लेवल-06 के तहत आकर्षक वेतन मिलेगा।   ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 15 फरवरी 2026 तक SAI की आधिकारिक वेबसाइट sportsauthorityofindia.nic.in पर आवेदन कर सकेंगे।       SAI Assistant Coach Vacancy 2026: खेलवार पदों का विवरण   | खेल           | पद      | | - | - | | स्विमिंग      | 26      | | एथलेटिक्स     | 28      | | साइकलिंग      | 12      | | जिम्नास्टिक्स | 12      | | कुश्ती  ...
देश के लिए ठुकराई थी अंग्रेजी हुकूमत की नौकरी, आज़ाद हिंद फ़ौज से दिखा नेताजी का अदम्य ‘पराक्रम’
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देश के लिए ठुकराई थी अंग्रेजी हुकूमत की नौकरी, आज़ाद हिंद फ़ौज से दिखा नेताजी का अदम्य ‘पराक्रम’

  नई दिल्ली: भारत की आज़ादी की लड़ाई में जिन नामों ने साहस, त्याग और नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ी, उनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। देश के प्रति उनका समर्पण इतना प्रबल था कि उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी इंडियन सिविल सर्विस (ICS) तक को ठुकरा दिया। उनके इसी अदम्य साहस और निस्वार्थ देशसेवा को सम्मान देने के लिए हर साल 23 जनवरी को, उनकी जयंती के अवसर पर, पराक्रम दिवस मनाया जाता है।       ओडिशा से इंग्लैंड तक शिक्षा का सफर   सरकारी दस्तावेजों और सांस्कृतिक मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। आगे चलकर वे भारतीय सिविल सेवा (ICS) की तैयारी के लिए इंग्लैंड गए, जो उस दौर में भारतीय ...