जिद या जुनून? संघर्षों से जूझकर अफसर बनी मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा
सफलता क्या जिद से मिलती है या फिर न रुकने वाले जुनून से? अगर मेरठ की बेटी संजू रानी वर्मा की कहानी देखी जाए, तो जवाब साफ है—जब इरादे अडिग हों, तो हालात भी हार मान लेते हैं। मां को खोने का गहरा दुख, समाज का शादी का दबाव, आर्थिक तंगी और अकेलापन… इन सबके बावजूद संजू ने अपने सपनों से समझौता नहीं किया और आखिरकार UPPCS परीक्षा 2018 पास कर कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) बन गईं।
मेरठ जिले की रहने वाली संजू रानी वर्मा ने ग्रेजुएशन के बाद प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा था। वर्ष 2008 से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। शुरुआती लक्ष्य UPSC था और वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार परीक्षा दी। उन्हें मेंस लिखने का अवसर भी मिला, लेकिन पारिवारिक और निजी परिस्थितियों के चलते बीच में तैयारी रोकनी पड़ी।
मां के निधन के बाद बदली जिंदगी
संजू के जीवन में असली संघर्ष 2013 में शुरू हुआ, जब उनकी म...










