
नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 23 जनवरी।
अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों, खासकर भारतीय वर्कर्स के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के कंपनियों में अचानक निरीक्षण (Inspection) कर रहे हैं। इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सख्ती के चलते कई कर्मचारियों पर कार्रवाई甚至 डिपोर्टेशन का खतरा भी मंडरा सकता है।
ह्यूस्टन स्थित इमिग्रेशन विशेषज्ञ डेनियल रामिरेज ने इस स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। उनके अनुसार, USCIS (United States Citizenship and Immigration Services) की फ्रॉड डिटेक्शन डिवीजन उन कंपनियों की गहन जांच कर रही है, जो बड़ी संख्या में H-1B वर्कर्स को नियुक्त करती हैं। जांच के दौरान कंपनियों की फाइलें ऑडिट की जा रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि H-1B हायरिंग नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं।
बिना सूचना के हो रही है जांच
इमिग्रेशन एक्सपर्ट डेनियल रामिरेज ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में बताया कि
“USCIS की टीम इस महीने टेक्सास के ह्यूस्टन में कई कंपनियों में बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंची है। यह जांच फरवरी में भी जारी रहने की संभावना है।”
उन्होंने कहा कि इन निरीक्षणों का उद्देश्य यह जांचना है कि कंपनियां सरकार को दिए गए H-1B आवेदन (Petition) के अनुरूप काम कर रही हैं या नहीं। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि—
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कर्मचारियों को तय न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है या नहीं,
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कर्मचारी वही काम कर रहे हैं या नहीं, जिसके लिए उन्हें हायर किया गया था,
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और कंपनी द्वारा दी गई जानकारी वास्तविक है या नहीं।
गड़बड़ी मिलने पर ICE को सौंपा जा रहा मामला
अगर जांच के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता पाई जाती है, तो मामला सीधे ICE (Immigration and Customs Enforcement) को ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें वीजा रद्द होने से लेकर डिपोर्टेशन तक का खतरा शामिल है।
भारतीय वर्कर्स पर ज्यादा असर
अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वालों में भारतीय प्रोफेशनल्स की संख्या सबसे अधिक है। सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में भारतीय आईटी और टेक प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। ऐसे में यह सख्ती भारतीय वर्कर्स के लिए चिंता का विषय बन गई है।
H-1B वर्कर्स को क्या करना चाहिए?
हालांकि अमेरिकी सरकार की ओर से इस जांच अभियान पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि H-1B वर्कर्स को पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
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अपने सभी डॉक्यूमेंट्स अपडेट और सुरक्षित रखें, जैसे पासपोर्ट, वीजा, पेस्लिप और जॉब ऑफर लेटर।
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यह सुनिश्चित करें कि आप वही कार्य कर रहे हैं, जो आपकी वीजा शर्तों में दर्ज है।
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अमेरिकी इमिग्रेशन नियमों और कानूनों का पूरी तरह पालन करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में H-1B वीजा से जुड़ी सख्ती और बढ़ सकती है। ऐसे में सतर्कता और नियमों का पालन ही वर्कर्स के लिए सबसे बड़ा बचाव है।
