
नई दिल्ली, 23 जनवरी।
दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड इन दिनों अंतरराष्ट्रीय राजनीति और रणनीतिक चर्चाओं के केंद्र में है। अमेरिका की ओर से ग्रीनलैंड पर रुचि जताए जाने के बाद यह इलाका वैश्विक सुर्खियों में आ गया है। हालांकि राजनीतिक हलचलों के बीच ग्रीनलैंड रोजगार के लिहाज से भी बड़ी संभावनाओं वाला क्षेत्र बनकर उभर रहा है, जहां भारतीय समेत विदेशी वर्कर्स के लिए नौकरी के अवसर मौजूद हैं।
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करीब 80 प्रतिशत बर्फ से ढका ग्रीनलैंड भले ही दुनिया की सबसे कठिन जगहों में गिना जाता हो, लेकिन यहां की कुछ प्रमुख इंडस्ट्रीज तेजी से फल-फूल रही हैं। इन्हीं सेक्टरों में विदेशी वर्कर्स की लगातार जरूरत पड़ती है। खास बात यह है कि यहां औसतन सैलरी काफी ऊंची मानी जाती है, क्योंकि काम ज्यादातर हाई-स्किल और जोखिम से जुड़ा होता है।
ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन इसे स्वायत्तता प्राप्त है। इस कारण यहां डेनमार्क के इमिग्रेशन नियम लागू होते हैं और विदेशी नागरिकों को डेनमार्क की प्रक्रिया के तहत ही वीजा लेना होता है।
ग्रीनलैंड की प्रमुख इंडस्ट्रीज, जहां होती है सबसे ज्यादा हायरिंग
1. खनन और खनिज खोज
ग्रीनलैंड में जिंक, लिथियम, सोना और दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार पाए जाते हैं। यही वजह है कि खनन यहां की सबसे बड़ी इंडस्ट्री है।
इस सेक्टर में जियोलॉजिस्ट, माइनिंग इंजीनियर, हेवी मशीन ऑपरेटर जैसे प्रोफेशनल्स की भारी मांग रहती है।
2. मछली पकड़ना और सीफूड प्रोसेसिंग
एक द्वीप होने के कारण मछली पकड़ना ग्रीनलैंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
फिशिंग शिप्स, सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और पैकेजिंग सेक्टर में बड़ी संख्या में वर्कर्स की जरूरत पड़ती है। कुछ नौकरियों के लिए विशेष सर्टिफिकेशन अनिवार्य होता है।
3. पर्यटन उद्योग
ग्रीनलैंड की बर्फीली वादियां, ग्लेशियर और नॉर्दर्न लाइट्स पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
इसी कारण होटल स्टाफ, टूर गाइड, टूर ऑपरेटर और हॉस्पिटैलिटी वर्कर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
4. कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर
ग्रीनलैंड में कई सरकारी और निजी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।
यहां कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और सिविल इंजीनियर्स की नियमित आवश्यकता रहती है।
5. रिसर्च और साइंस
ग्रीनलैंड को आर्कटिक रिसर्च का बड़ा केंद्र माना जाता है।
ग्लेशियोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, मरीन बायोलॉजी और जियोलॉजी जैसे क्षेत्रों में दुनियाभर से वैज्ञानिक और रिसर्चर्स यहां काम करने आते हैं। आमतौर पर इन नौकरियों के लिए एडवांस डिग्री जरूरी होती है।
ग्रीनलैंड में नौकरी कैसे ढूंढें?
भारत से हजारों किलोमीटर दूर होने के कारण ग्रीनलैंड में नौकरी ढूंढना मुश्किल लग सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि ज्यादातर भर्तियां ऑनलाइन होती हैं।
प्रमुख जॉब पोर्टल हैं—
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Suli.gl (सरकारी जॉब पोर्टल)
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Jobindex Greenland
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Sermitsiaq.AG
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HireMe.gl
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीनलैंड में काम करने के लिए अंग्रेजी के साथ डेनिश भाषा का बेसिक ज्ञान होना फायदेमंद रहता है।
कौन सा वर्क वीजा जरूरी?
ग्रीनलैंड में काम करने के लिए सबसे पहले जॉब ऑफर हासिल करना जरूरी है। इसके बाद विदेशी वर्कर्स को रेजिडेंस एंड वर्क परमिट के लिए आवेदन करना होता है।
यह परमिट डेनिश एजेंसी फॉर इंटरनेशनल रिक्रूटमेंट एंड इंटीग्रेशन (SIRI) द्वारा जारी किया जाता है।
वर्क परमिट के लिए आमतौर पर—
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जॉब ऑफर लेटर
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वैध पासपोर्ट
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शैक्षणिक और प्रोफेशनल दस्तावेज
की जरूरत होती है। यह परमिट आमतौर पर दो साल के लिए वैध होता है और उसी कंपनी में काम करने की अनुमति देता है, जिसके लिए इसे जारी किया गया हो।
कुल मिलाकर
भले ही ग्रीनलैंड की जलवायु चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन ऊंची सैलरी, इंटरनेशनल एक्सपीरियंस और स्किल-बेस्ड जॉब्स इसे भारतीय वर्कर्स के लिए एक नया और आकर्षक विकल्प बना रही हैं। सही तैयारी और जानकारी के साथ ग्रीनलैंड में नौकरी पाना अब पहले से कहीं ज्यादा संभव हो गया है।
