बजट 2026: मिडिल क्लास पर पढ़ाई का बोझ कम होगा या राहत रहेगी सीमित?
देश का मध्यम वर्ग एक बार फिर केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठा है। बढ़ती स्कूल फीस, महंगे कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के बीच सवाल यह है कि क्या बजट 2026 वास्तव में पढ़ाई के बढ़ते खर्च से मिडिल क्लास को राहत दिला पाएगा या फिर यह राहत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रह जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में बजट पेश करेंगी।
बीते कुछ वर्षों में शिक्षा की लागत में तेज़ी से इज़ाफा हुआ है। प्राइमरी स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक फीस, परीक्षा शुल्क, कोचिंग, हॉस्टल और रहने-खाने का खर्च मध्यम वर्ग के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। स्थिति यह है कि न तो यह वर्ग सरकारी योजनाओं की पात्रता में आता है और न ही निजी संस्थानों की महंगी पढ़ाई आसानी से वहन कर पाता है।
अब सिर्फ प्राइवेट नहीं, सरकारी शिक्षा भी महंगी
शिक्षा महंगाई अब केवल निजी संस्थानों तक ...










