Friday, May 15

This slideshow requires JavaScript.

रविदास जयंती 2026: मानवता और समानता का संदेश देने वाले संत रविदास को याद किया जाएगा

 

This slideshow requires JavaScript.

1 फरवरी 2026 को पूरे देश में संत रविदास जयंती मनाई जाएगी। इस दिन महान कवि, समाज सुधारक और भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत रविदास जी को याद किया जाता है। रविदास जी ने अपने जीवन में जाति-पाति और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समानता, भक्ति और मानवता का संदेश दिया।

 

संत रविदास का जन्म 14वीं शताब्दी में हुआ था। उन्होंने अपने पदों और दोहों के माध्यम से समाज में समानता, प्रेम और सेवा का संदेश फैलाया। उनकी प्रसिद्ध वाणी है:

 

“ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न।

छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न।”

 

इसका अर्थ है कि संत रविदास ऐसे समाज की कामना करते थे, जहां कोई भूखा न रहे और सभी छोटे-बड़े समान हों। उन्होंने गरीब और पिछड़े वर्गों के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

रविदास जी के भक्ति-भाव से प्रेरित होकर कई भक्तों ने उनके मार्ग का अनुसरण किया। उनके अनुयायी पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में हैं। उनके योगदान और शिक्षाओं को याद करते हुए देशभर के कार्यक्रमों और सभाओं में उनके विचारों को साझा किया जाएगा।

 

संत रविदास जयंती का उद्देश्य केवल उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करना ही नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समानता और मानवता के संदेश को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।

 

इस अवसर पर सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे रविदास जी के विचारों से प्रेरणा लें और समाज में भाईचारे और समानता का संदेश फैलाएं।

 

Leave a Reply