Saturday, January 24

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Success Story: ₹2 लाख की छोटी शुरुआत से ₹2.2 करोड़ की कमाई शरत श्यामसुंदर बने स्टार्टअप दुनिया के ‘कंप्लायंस हीरो’
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Success Story: ₹2 लाख की छोटी शुरुआत से ₹2.2 करोड़ की कमाई शरत श्यामसुंदर बने स्टार्टअप दुनिया के ‘कंप्लायंस हीरो’

भारत में स्टार्टअप शुरू करने का उत्साह अक्सर रजिस्ट्रेशन, टैक्स फाइलिंग और कानूनी औपचारिकताओं की भारी-भरकम दीवारों से टकराकर टूट जाता है। लेकिन बेंगलुरु के युवा उद्यमी शरत श्यामसुंदर ने इन्हीं दीवारों को मौका बनाकर ₹2.2 करोड़ के सफल बिजनेस की नींव रखी।2015 में शुरू हुई उनकी कंपनी ‘द स्टार्टअप ज़ोन’ आज हजारों नए उद्यमियों के लिए भरोसे का नाम है। पहली विफलता से सीखा—दूसरा बिजनेस बना मिसाल 2011 में शरत का पहला उद्यम द इनविटेशन स्टोर चल नहीं पाया।इस दौरान उन्हें गलत सलाह के चलते बेवजह सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन कराना पड़ा—समय भी गया, पैसा भी। यहीं से उन्हें समझ आया कि कानूनी जानकारी की कमी छोटे व्यवसायों के लिए सबसे बड़ी बाधा है।पहली कंपनी बंद करने के बाद उन्होंने Lawyer Search और PayU जैसी कंपनियों में काम करकेकानूनी फाइलिंग और डिजिटल ऑटोमेशन की गहरी समझ हासिल की। 2015 के अंत में उन...
अब हर ग्रैजुएट बन सकेगा इन्वेस्टमेंट अडवाइजर और रिसर्च एनालिस्ट सेबी ने योग्यता नियमों में किया बड़ा बदलाव
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अब हर ग्रैजुएट बन सकेगा इन्वेस्टमेंट अडवाइजर और रिसर्च एनालिस्ट सेबी ने योग्यता नियमों में किया बड़ा बदलाव

देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने इन्वेस्टमेंट अडवाइजर (IA) और रिसर्च एनालिस्ट (RA) बनने की राह आसान कर दी है। अब किसी भी विषय में ग्रैजुएशन करने वाला व्यक्ति इस क्षेत्र में करियर बना सकेगा। सेबी ने मंगलवार को जारी दो अहम नोटिफिकेशन में कहा है कि NISM सर्टिफिकेशन एग्जाम पास करना पहले की तरह अनिवार्य रहेगा, लेकिन शिक्षा की बाध्यता को काफी हद तक आसान कर दिया गया है। नियमों में क्या बदला? पहले केवल इन विषयों में ग्रैजुएशन या पोस्ट-ग्रैजुएशन करने वाले लोग IA और RA बनने के योग्य थे— फाइनेंस कॉमर्स बिजनेस मैनेजमेंट इकॉनमिक्स कैपिटल मार्केट नए नियमों के तहत— इंजीनियरिंग, लॉ (Law), आर्ट्स, साइंस, या किसी भी अन्य विषय में ग्रैजुएशन करने वाले भी अब आवेदन कर सकते हैं। शर्त सिर्फ ...
बीमारू से ‘ग्रोथ इंजन’ तक: बिहार, यूपी, राजस्थान और असम ने बदली देश की आर्थिक तस्वीर
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बीमारू से ‘ग्रोथ इंजन’ तक: बिहार, यूपी, राजस्थान और असम ने बदली देश की आर्थिक तस्वीर

कभी पिछड़ेपन की पहचान समझे जाने वाले बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम आज भारत की आर्थिक रफ्तार के नए चालक बनकर उभरे हैं। एचएसबीसी की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, महामारी के बाद के वर्षों में ये राज्य न सिर्फ अमीर राज्यों की बराबरी की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं, बल्कि देश की कुल विकास दर में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस बदलाव को ग्रोथ कन्वर्जेंस कहा जा रहा है—जहां पहले अधिक विकसित राज्य तेजी से बढ़ते थे, अब विकास की असली गति उभरते राज्यों से आ रही है। कैसे बदल रही है तस्वीर? रिपोर्ट बताती है कि FY13–FY19 के दौरान अमीर राज्यों की ग्रोथ रफ्तार सबसे ज्यादा थी। लेकिन महामारी के बाद पहली बार यह ट्रेंड उलट गया है। अब कम आय वाले राज्यों की विकास दर ऊंची है, और राज्यों के बीच अंतर तेजी से घट रहा है। इस ग्रोथ का आधार है उच्च पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर—अर्थात सड़कों, पुलों, बिजली, पानी औ...
शेयर बाजार ने रचा इतिहास: सेंसेक्स पहली बार 86,000 के पार, निफ्टी भी नई ऊंचाई पर
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शेयर बाजार ने रचा इतिहास: सेंसेक्स पहली बार 86,000 के पार, निफ्टी भी नई ऊंचाई पर

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और विदेशी निवेश से बाजार में जबरदस्त जोश** नई दिल्ली/बिज़नेस डेस्क। घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को नया इतिहास रच दिया। बीएसई सेंसेक्स पहली बार 86,000 अंक से ऊपर निकल गया, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक ने 26,300 अंक के पार जाकर अपना नया रिकॉर्ड बना लिया। लार्ज-कैप से लेकर स्मॉल-कैप तक सभी इंडेक्स में हरे निशान की चमक नजर आई। सेंसेक्स का पिछला उच्च स्तर 85,978.25 अंक था, वहीं निफ्टी ने इससे पहले सितंबर 2024 में 26,277.35 का रिकॉर्ड बनाया था। आज का उछाल बाजार में निवेशकों के भरोसे और सकारात्मक वैश्विक संकेतों का परिणाम माना जा रहा है। किस सेक्टर में सबसे ज्यादा तेजी? सेंसेक्स में शामिल 30 प्रमुख कंपनियों में से — बजाज फाइनेंस एक्सिस बैंक लार्सन एंड टुब्रो (L&T) बजाज फिनसर्व एशियन पेंट्स ने 0.8% से 1.5% तक की बढ़त के साथ बढ़त की अगुवा...
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर फिर फंसा अपर सर्किट में, निवेशकों में बढ़ी उम्मीदें
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अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर फिर फंसा अपर सर्किट में, निवेशकों में बढ़ी उम्मीदें

मुंबई/वित्त डेस्क। अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में गुरुवार को एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही यह शेयर बीएसई पर 5% के अपर सर्किट को छूते हुए ₹165.85 के स्तर तक पहुंच गया। खास बात यह है कि यह लगातार दूसरा दिन है जब शेयर ने अपर सर्किट लगाया है, जबकि इससे पहले यह स्टॉक लगातार छह सत्र तक गिरावट में था। पिछले एक महीने में 27% तक टूटा शेयर दो दिनों की तेजी ने निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन पिछले एक महीने का कमजोर प्रदर्शन अभी भी चिंता बढ़ाता है। इस अवधि में स्टॉक करीब 27% टूट चुका है।कंपनी का मौजूदा बाजार पूंजीकरण लगभग ₹6,454 करोड़ है।52 सप्ताह में यह शेयर ₹423.40 के उच्च स्तर और ₹149.16 के निम्न स्तर के बीच रहा है। यानी यह अपने साल के उच्चतम स्तर से अब भी करीब 60% नीचे कारोबार कर रहा है। सस्ता शेयर य...
गूगल और मेटा के बाद अब रिलायंस की बड़ी तैयारी: आंध्र प्रदेश में मुकेश अंबानी का 11 अरब डॉलर का मेगा निवेश
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गूगल और मेटा के बाद अब रिलायंस की बड़ी तैयारी: आंध्र प्रदेश में मुकेश अंबानी का 11 अरब डॉलर का मेगा निवेश

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश देश का नया डेटा हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। गूगल और मेटा जैसी वैश्विक टेक दिग्गजों के बाद अब अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी भी राज्य में बड़ा निवेश करने जा रहे हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज, ब्रुकफील्ड और डिजिटल रियल्टी के ज्वाइंट वेंचर Digital Connexion ने विशाखापत्तनम में 11 अरब डॉलर (98,000 करोड़ रुपये) के विशाल डेटा सेंटर कैंपस की स्थापना के लिए एमओयू साइन किया है। 2030 तक 1 GW डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य आंध्र प्रदेश आर्थिक विकास बोर्ड (APEDB) के साथ हुए इस समझौते के अनुसार, यह कैंपस 400 एकड़ में विकसित होगा, जिसमें 2030 तक 1 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता स्थापित की जाएगी। डेटा सेंटर का स्थान फिलहाल तय नहीं किया गया है। Digital Connexion की टीम अगले सप्ताह विशाखापत्तनम का दौरा कर संभावित स्थलों का निरीक्षण करेगी। यह प्रोजेक्ट राज्य में अत्याधुनिक AI...
MCX शेयर ने कराया छप्परफाड़ मुनाफा: कोटक महिंद्रा बैंक का निवेश 11 साल में 1,618% बढ़ा, 600 रुपये का शेयर अब 10,000 के पार
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MCX शेयर ने कराया छप्परफाड़ मुनाफा: कोटक महिंद्रा बैंक का निवेश 11 साल में 1,618% बढ़ा, 600 रुपये का शेयर अब 10,000 के पार

मुंबई: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के शेयरों में जबरदस्त तेजी ने इसके सबसे बड़े शेयरधारक कोटक महिंद्रा बैंक को रिकॉर्ड मुनाफा दिलाया है। बैंक ने वर्ष 2014 में आर्थिक संकट के दौर में 600 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 15% हिस्सेदारी खरीदी थी। बुधवार को एमसीएक्स शेयर पहली बार 10,000 रुपये के पार पहुंच गया और आज भी बढ़त बनाए रखा। इस तेजी से बैंक की हिस्सेदारी का मूल्य बढ़कर 7,887.27 करोड़ रुपये हो गया है—जो 11 वर्षों में 1,618% का रिटर्न दर्शाता है। आधी कीमत के शेयर ने बना दिया 7,888 करोड़ का निवेश बीएसई में बुधवार को रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद गुरुवार सुबह भी एमसीएक्स का शेयर 10,325 रुपये पर ट्रेड हो रहा था। वर्ष 2014 में कोटक महिंद्रा बैंक ने 459 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उस समय एनएसईएल घोटाले की वजह से बाजार में गहरा संकट था। इसी मुश्किल घड़ी में उदय कोटक ने 600 रुपये के मूल...
सड़क किनारे गुमटी से शुरू हुआ सफर, आज अरबों का कारोबार: कौन हैं कमला पसंद के मालिक कमल किशोर चौरसिया?
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सड़क किनारे गुमटी से शुरू हुआ सफर, आज अरबों का कारोबार: कौन हैं कमला पसंद के मालिक कमल किशोर चौरसिया?

नई दिल्ली, ब्यूरो:देशभर में मशहूर पान मसाला ब्रांड कमला पसंद एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी के मालिक कमल किशोर चौरसिया की पुत्रवधू दीप्ति चौरसिया ने मंगलवार को दिल्ली के वसंत विहार स्थित आवास में आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। इस घटना के बाद एक बार फिर लोगों की नजरें कमला पसंद ब्रांड और इसके मालिक पर टिकी हैं—आखिर कौन हैं वह व्यक्ति, जिसने सड़क किनारे गुमटी से पान मसाला बेचकर अरबों की कंपनी खड़ी कर दी? गुमटी से शुरू हुआ कारोबारकानपुर निवासी कमल किशोर चौरसिया ने 80 के दशक में घर पर ही पान मसाला तैयार करना शुरू किया था। परिवार की मदद से वे काहू कोठी इलाके में सड़क किनारे एक छोटी गुमटी पर खुला पान मसाला बेचते थे। उस समय पान मसाला किसी पैकेट में नहीं मिलता था। धीरे-धीरे गुणवत्ता और लोकप्रियता बढ़ी और इसका नाम बाजार में छा गया। आज कमला पसंद, राजश्री समेत इनके कई...
सफलता की कहानी: प्रोफेसरी छोड़ केंचुओं में लगाया पूरा ध्यान, सिर्फ ₹500 से शुरू किया कारोबार, अब सालाना ₹30 लाख की कमाई
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सफलता की कहानी: प्रोफेसरी छोड़ केंचुओं में लगाया पूरा ध्यान, सिर्फ ₹500 से शुरू किया कारोबार, अब सालाना ₹30 लाख की कमाई

नई दिल्ली: लॉकडाउन ने हरियाणा के भिवानी में कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे प्रमोद सहारन की जिंदगी की दिशा बदल दी। बचपन से बागवानी के शौक ने उन्हें वर्मीकम्पोस्ट (केंचुआ खाद) बनाने के लिए प्रेरित किया और यह शौक धीरे-धीरे सफल व्यवसाय में बदल गया। आज प्रमोद की सालाना कमाई लगभग 30 लाख रुपये है। सिर्फ ₹500 से शुरुआतसिविल इंजीनियरिंग में M.Tech और प्रोफेसर रहे प्रमोद ने लॉकडाउन में अपने बचपन के शौक को दोबारा जिया। उन्होंने 500 रुपये में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) से 1 किलो केंचुए खरीदे और घर के बगीचे में उनका विकास देखा। शुरुआती असफलताओं ने उन्हें केंचुओं के मल्टीप्लिकेशन और विकास को समझने में मदद की। नौकरी छोड़कर काम पर पूरा फोकसप्रयोग और शुरुआती सफलता के बाद प्रमोद ने प्रोफेसरी छोड़ दी। मार्च 2021 में उन्होंने 60 किलो केंचुए खरीदे और हिसार के कैमरी गांव में 5 वर्मी...
ई-कॉमर्स में जारी ‘हिडन चार्जेस’ का खेल, ड्रिप प्राइसिंग से फंस रहे ग्राहक
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ई-कॉमर्स में जारी ‘हिडन चार्जेस’ का खेल, ड्रिप प्राइसिंग से फंस रहे ग्राहक

नई दिल्ली: देश में ई-कॉमर्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन साथ ही ग्राहकों से अतिरिक्त वसूली की घटनाएं भी आम हो गई हैं। हाल ही में कई कंपनियों ने दावा किया था कि उन्होंने डार्क पैटर्न हटाए हैं, लेकिन LocalCircles के एक सर्वे में पता चला कि कंपनियां अब भी ड्रिप प्राइसिंग (शुरुआत में कम दाम दिखाकर बाद में एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ना) का इस्तेमाल कर रही हैं। सर्वे की मुख्य बातें: 26 बड़ी कंपनियों ने सरकार (CCPA) को हलफनामा देकर कहा था कि वे ‘डार्क पैटर्न फ्री’ हैं। जांच में पाया गया कि इनमें से 21 कंपनियों पर अब भी ग्राहकों को फंसाने वाले तरीके मौजूद हैं। सर्वे में 392 जिलों के 2.5 लाख से ज्यादा लोगों की राय और AI रिसर्च शामिल थी। 300 से ज्यादा अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की पड़ताल की गई। सबसे ज्यादा गड़बड़ कहां?डिजिटल लेंडिंग, एडटेक, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स, ओटीटी, ऐप टैक्स...