Thursday, May 14

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हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 : पहली बार होंगे चार अमृत स्नान, 13 जनवरी मकर संक्रांति से होगा शुभारंभ

हरिद्वार/देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने की दिशा में तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में आगामी अर्धकुंभ मेले के लिए प्रमुख स्नान पर्वों की घोषणा कर दी गई है। खास बात यह है कि इस बार पहली बार चार अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे, जो संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

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धामी सरकार ने की संतों के साथ अहम बैठक

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार स्थित डामकोठी में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान संतों ने सरकार की तैयारियों की सराहना की और मेले की व्यवस्थाओं को और सुचारु बनाने के लिए सुझाव भी दिए।

सीएम धामी ने कहा कि
“अर्धकुंभ में संत समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर मेले को भव्य, दिव्य और व्यवस्थित रूप दिया जाएगा।”

13 जनवरी 2027 से शुरू होगा मेला

अर्धकुंभ मेला 13 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर अप्रैल तक चलेगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दस प्रमुख स्नान तिथियों की घोषणा की है, जिनकी पुष्टि बैठक में कर दी गई।

पहली बार चार अमृत स्नान — तिथियां घोषित

अर्धकुंभ 2027 में चार अमृत स्नान होंगे, जिनकी तिथियां इस प्रकार हैं

  • 6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
  • 8 मार्च 2027 — सोमवती/फाल्गुनी अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
  • 14 अप्रैल 2027 — बैसाखी (तीसरा अमृत स्नान)
  • 20 अप्रैल 2027 — चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)

संत समाज ने इन तिथियों को मंजूरी देते हुए प्रसन्नता जताई।

अन्य प्रमुख स्नान पर्व

  • 14 जनवरी 2027 — मकर संक्रांति
  • 6 फरवरी 2027 — मौनी अमावस्या
  • 11 फरवरी 2027 — बसंत पंचमी
  • 20 फरवरी 2027 — माघ पूर्णिमा

विशेष धार्मिक स्नान

  • 7 अप्रैल — नवसंवत्सर स्नान
  • 15 अप्रैल — रामनवमी स्नान

भव्य आयोजन की तैयारी

सरकार ने बताया कि मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्थायी और अस्थायी व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासनिक मशीनरी तेज गति से काम कर रही है। उम्मीद है कि अर्धकुंभ 2027 हरिद्वार के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

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