
नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026: भारत में कई शहर अपनी संस्कृति, इतिहास और खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन चंडीगढ़ अपने विशेष महत्व के कारण अलग है। यह देश का एक ऐसा शहर है जो दो राज्यों – पंजाब और हरियाणा – की राजधानी होने के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश भी है।
2 राज्यों की राजधानी
चंडीगढ़ उत्तर-पश्चिम में पंजाब और पूर्व-दक्षिण में हरियाणा से घिरा हुआ है। 1 नवंबर 1966 को राज्यों के पुनर्गठन के दौरान इसे दोनों राज्यों की राजधानी घोषित किया गया। इसी वजह से यह शहर राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
क्यों कहा जाता है ‘द सिटी ब्यूटीफुल’?
चंडीगढ़ को आधुनिक वास्तुकला और सुव्यवस्थित योजनाओं के लिए जाना जाता है। शहर का नाम चंडी मंदिर और उसके पीछे बने गढ़ से लिया गया, इसलिए इसे ‘चंडीगढ़ – सुंदर शहर’ कहा जाता है। इसके अलावा इसे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के सपनों का शहर भी माना जाता है।
शहर में सुखना झील, रॉक गार्डन, चंडीगढ़ गैलरी और लेजर वैली जैसी जगहें इसे और भी खूबसूरत बनाती हैं।
हजारों साल पुराना इतिहास
आज का चंडीगढ़ उस स्थान पर बसा है, जहां हजारों साल पहले एक बड़ी झील और दलदल था। यहाँ के जिवाश्म और पुरातात्विक प्रमाण यह बताते हैं कि यह क्षेत्र लगभग 8000 साल पहले हड़प्पा सभ्यता का हिस्सा था। मध्यकाल में यह पंजाब प्रांत का हिस्सा रहा और ऐतिहासिक गतिविधियों का केंद्र रहा।
आधुनिक चंडीगढ़ का निर्माण
1947 में भारत के विभाजन के बाद पंजाब को पूर्वी और पश्चिमी भागों में बांटा गया। पूर्वी पंजाब के लिए नई राजधानी की आवश्यकता थी। मार्च 1948 में शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में नए शहर के निर्माण को मंजूरी दी गई। 1952 में शहर की नींव रखी गई, और यह पूर्वी पंजाब की राजधानी बना। 1966 में इसे पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी और केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया गया।
चंडीगढ़ न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी सुंदरता, योजनाबद्ध निर्माण और ऐतिहासिक विरासत के कारण भारत के प्रमुख शहरों में गिना जाता है।
