
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो बहनों ने अपने पिता राम प्रसाद की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि पिता की सख्त पाबंदियों और अनुशासन से बहनों में गहरी नाराजगी और नफरत पनपी थी।
मोबाइल और कपड़ों को लेकर सख्ती
पिता राम प्रसाद पुराने विचारों वाले थे। वे लड़कियों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और कपड़ों को लेकर बेहद सख्त रहते थे। बहनें पिता की नजरों से छिपकर मोबाइल चलाती थीं और रील देखने की शौकीन थीं। 32 साल की बहन कोमल ने पुलिस को बताया:
“मैं 32 साल की हो गई हूं, लेकिन मेरी शादी अब तक पिता ने नहीं की। पिता बेटे और बेटी में बहुत अंतर करते थे। मोबाइल और कपड़ों को लेकर पाबंदी लगाते थे।”
हत्या से पहले नींद की गोलियां
पिता की हत्या को अंजाम देने से पहले दोनों बहनों ने परिवार के अन्य सदस्यों – मां चंद्रकली, भाई अमित और छोटे बेटे सुमित – को खीर में नींद की गोलियां मिला दी। इसके बाद घर के सदस्य बेसुध हो गए। तड़के सुबह तीन बजे उठकर दोनों बहनों ने घर में रखे चाकुओं से पिता पर वार किया। हत्या के बाद उन्होंने खून से सने कपड़े बदल लिए और पुराने कपड़ों व चाकुओं को छिपा दिया।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
मनोचिकित्सकों का मानना है कि यह घटना भावनात्मक शोषण और मानसिक तनाव का परिणाम हो सकती है। अवसाद, चिंता या व्यक्तित्व विकार जैसी मानसिक परेशानियों ने बहनों को इस खौफनाक कदम के लिए प्रेरित किया हो सकता है।
परिवार और जमीन का विवरण
राम प्रसाद के परिवार में 32 बीघा जमीन है। परिवार में 32 वर्षीय कोमल, नाबालिग बेटी, 33 साल का बेटा अमित और 11 साल का सुमित शामिल हैं। कोमल ने आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और परिवार के साथ खेती में हाथ बंटाती थी।
मुजफ्फरनगर की इस घटना ने न केवल इलाके में सनसनी फैलाई है, बल्कि परिवार और सामाजिक संरचना पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।
