
रायबरेली, उत्तर प्रदेश: अपने साधारण जीवन में मिट्टी के कप और बर्तन बेचकर गुजारा करने वाले मोहम्मद सईद के पैरों तले जमीन खिसक गई, जब उन्हें अचानक 1.25 करोड़ रुपये का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) नोटिस मिला। जांच में पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर जालसाजों ने उनके नाम पर फर्जी फर्म रजिस्टर कर ली थी।
सईद ने बताया कि उन्होंने कभी कोई बड़ी कंपनी या व्यापार नहीं चलाया। उन्होंने अपने दस्तावेज किसी को नहीं दिए, फिर भी उनके नाम पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन दिखाया गया। परिवार ने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर डिटेल्ड साइबर और फाइनेंशियल जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के इस दौर में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कड़ा KYC वेरिफिकेशन सिस्टम जरूरी है। आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कंपनियां बनाने, नकली इनवॉइस जारी करने और टैक्स क्लेम करने के लिए लगातार देखा जा रहा है।
सुरक्षा के उपाय
इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया कि व्यक्तिगत डॉक्यूमेंट्स की सुरक्षा बेहद जरूरी है। एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं:
आधार और पैन को मास्क्ड तरीके से ही साझा करें।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फाइनेंशियल लेन-देन में सुरक्षित KYC प्रक्रिया अपनाएं।
संदिग्ध नोटिस या रजिस्ट्रेशन मिलने पर तुरंत अधिकारियों से शिकायत करें।
यह मामला याद दिलाता है कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी रक्षा है, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए।
