Monday, February 23

इंडिया AI इंपैक्ट समिट: 84 देशों ने साइन किया नई दिल्ली डेक्लेरेशन, AI अब आम लोगों की ताकत

नई दिल्ली: इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026 में 84 देशों और 2 अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने नई दिल्ली डेक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए। समिट खास इसलिए रही क्योंकि इसमें AI को केवल अमीर देशों की ताकत नहीं बल्कि आम जनता के हित में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

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डेक्लेरेशन में कहा गया कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ती कनेक्टिविटी हर देश का अधिकार है। इसके लिए ‘चार्टर फॉर द डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ AI’ नाम का स्वैच्छिक फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया गया है, ताकि देश अपनी जरूरत के अनुसार AI का विकास कर सकें।

वैश्विक साझा मंच और ओपन-सोर्स AI

समिट में AI मॉडल्स की लाइब्रेरी और साझा मंच बनाने पर जोर दिया गया। यहां विभिन्न देशों के सफल AI मॉडल और उनके उपयोग के उदाहरण साझा किए जाएंगे, ताकि दूसरे देश उन्हें अपनाकर अपनी समस्याओं का हल खोज सकें। ओपन-सोर्स AI के माध्यम से छोटे और विकासशील देशों को भी तकनीक अपनाने का अवसर मिलेगा।

सुरक्षित और भरोसेमंद AI

ट्रस्टेड AI कॉमन्स’ नामक सहयोगी मंच का प्रस्ताव रखा गया, जिसमें सुरक्षा से जुड़े टूल्स, मानक और बेहतरीन तरीकों को साझा किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि AI का विकास जनहित और भरोसे के साथ हो।

विज्ञान, रिसर्च और सामाजिक सशक्तिकरण

इंटरनैशनल नेटवर्क ऑफ AI फॉर साइंस इंस्टिट्यूशंस’ का प्रस्ताव पेश किया गया, जिससे विभिन्न देशों की वैज्ञानिक संस्थाएं आपस में जुड़ सकें। इसके अलावा, AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं में आसान पहुंच और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए किया जाएगा।

नौकरियों और पर्यावरण

AI को नौकरियों के लिए खतरा नहीं बल्कि अवसर माना गया। स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के जरिए युवाओं और कर्मचारियों को AI के अनुरूप तैयार किया जाएगा। साथ ही ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ AI सिस्टम पर जोर देकर पर्यावरण संरक्षण के साथ तकनीकी प्रगति सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।

समिट का सार

समिट ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि AI भविष्य की ताकत है, लेकिन इसे बराबरी, सहयोग और सामाजिक हित के आधार पर विकसित किया जाना चाहिए। संसाधनों की साझेदारी, सुरक्षा, रिसर्च सहयोग, सामाजिक सशक्तिकरण और स्किल डेवलपमेंट- इन सभी पहलुओं को जोड़कर दुनिया के अधिकतम लोगों तक AI का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया गया है।

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