
अहमदाबाद/सूरत। गुजरात के सूरत में नामी बिल्डर Tushar Ghelani ने बेटी की शादी से चार दिन पहले अपने घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर दी थी। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु 4 फरवरी को हो गई।
हाल ही में सूरत शहर पुलिस ने इस मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार बिल्डर को उसकी प्रेमिका Poonam Bhadauria ब्लैकमेल कर रही थी। इस मामले में पूनम भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कर्मचारी से प्रेमिका तक का सफर
पुलिस के अनुसार पूनम भदौरिया ने 2010 में जॉली ग्रुप में एंट्री ली और 1–2 साल तक काम किया। 2014 में वह फिर से घेलानी से जुड़ी। शुरू में उनका रिश्ता प्रोफेशनल था, लेकिन धीरे-धीरे यह बॉस और कर्मचारी से बढ़कर प्रेम संबंध में बदल गया।
सूरत पुलिस की एसीपी जे. आर. देसाई के अनुसार, दोनों का रिश्ता सहमति से था, लेकिन यह बिल्डर के परिवार से छिपा हुआ था।
फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और ब्लैकमेल
पुलिस जांच में सामने आया कि तुषार घेलानी ने पूनम को कई फाइनेंशियल लाभ दिए। दस्तावेजों के अनुसार:
पूनम भदौरिया के नाम पर स्कूल के 50% शेयर दिखाए गए, जबकि उन्होंने कोई निवेश नहीं किया।
लगभग 6–7 साल में उनके अकाउंट में 1.37 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
2025 में पूनम को दो दुकानें देने की पुष्टि हुई।
घेलानी ने बेटी तन्वी से कहा था कि वह पूनम द्वारा ब्लैकमेल किए जाने से परेशान हैं। उन्हें डर था कि शादी के समय यह मामला उनके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।
मामला पुलिस की नजर में
पुलिस ने पूनम भदौरिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला धारा 306 बीएनएस के तहत दर्ज किया है।
जांच में पता चला कि यह रिश्ता बिल्डर के परिवार से छिपा हुआ था। पूनम की मांगों को पूरा करने के लिए घेलानी ने अपने रिश्ते को छुपाया और कई ट्रांजैक्शन किए। जब मामला उजागर हुआ, तब तक बिल्डर ने अपनी जान ले ली थी।
सूरत शहर पुलिस की जांच इस बात की पुष्टि करती है कि निजी रिश्ते और ब्लैकमेल के कारण घेलानी ने आत्महत्या का कदम उठाया।
यह केस अब समाज और बिल्डिंग उद्योग में सुरक्षा, पारिवारिक जागरूकता और वित्तीय सतर्कता की महत्वपूर्ण सीख बन गया है।
