
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा और कुल 15 बैठकों में संपन्न होगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल Ramen Deka के अभिभाषण से होगी।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी कल यानी 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए साय सरकार का तीसरा बजट पेश करेंगे। इस भाषण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी, रायपुर द्वारा किया जाएगा।
तीन महत्वपूर्ण विधेयक
इस सत्र में तीन ऐतिहासिक विधेयक पेश किए जाने की संभावना है:
छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026 – जबरन मतांतरण के खिलाफ, धोखाधड़ी या दबाव में किए गए धर्मांतरण पर 10 साल तक की कठोर सजा का प्रावधान। यह विधेयक पुराने 1968 के कानून की जगह लेगा।
छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा प्रवर्तन विधेयक – राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए।
छत्तीसगढ़ अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विधेयक – अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने हेतु।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तैयार करते समय राज्य सरकार ने ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों के समान अधिनियमों का अध्ययन किया है।
बजट सत्र का कार्यक्रम
24 फरवरी: वित्त मंत्री ओपी चौधरी बजट प्रस्तुत करेंगे।
25 फरवरी: राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा।
26-27 फरवरी: आय-व्यय पर सामान्य चर्चा।
9–17 मार्च: विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा।
सत्र के लिए कुल 2,813 प्रश्नों की सूचना विधानसभा को प्राप्त हुई है, जिनमें 1,437 तारांकित प्रश्न शामिल हैं।
कवासी लखमा की ‘कंडीशनल’ एंट्री
शराब घोटाला मामले में जमानत पर बाहर आए पूर्व मंत्री Kavasi Lakhma को सदन में उपस्थित रहने की अनुमति मिली है।
उन पर कड़ी शर्तें लागू हैं:
बजट पर बोल सकते हैं।
न्यायालयीन मामले के गुण-दोष पर सदन के भीतर या बाहर चर्चा नहीं करेंगे।
अपना सक्रिय मोबाइल नंबर सचिवालय में जमा करना होगा।
विधानसभा क्षेत्र का दौरा नहीं कर सकेंगे।
