
मेंगलुरु/थोक्कोट्टू, 23 फरवरी 2026: Karnataka के थोक्कोट्टू इलाके से एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। खेलते-खेलते लूडो का छोटा प्लास्टिक टुकड़ा निगल लेने से आठ साल की मासूम बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है और छोटे खिलौनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लूडो खेलते समय हुआ हादसा
मृतक बच्ची की पहचान तनिष्का के रूप में हुई है, जो दूसरी कक्षा की छात्रा थी। जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह घर पर अपने भाई-बहनों के साथ लूडो खेल रही थी। इसी दौरान कोन (शंकु) के आकार का एक छोटा प्लास्टिक टुकड़ा उसके मुंह में चला गया।
कुछ ही पलों में बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। मां ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझा और पड़ोसियों की मदद से उसे थोक्कोट्टू के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पतालों के बीच दौड़, लेकिन नहीं बच सकी जान
बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे डेरालाकाटे स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्लास्टिक का टुकड़ा बच्ची की श्वासनली में फंस गया था, जिससे फेफड़ों तक हवा नहीं पहुंच पाई और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
मूल रूप से कासरगोड के थे माता-पिता
परिवार मूल रूप से Kasaragod district के मधुर क्षेत्र के उलियाथडका का रहने वाला है और फिलहाल थोक्कोट्टू के पास कोल्या में किराए के मकान में रह रहा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार सदमे में है।
छोटे खिलौनों से खतरा, अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि छोटे प्लास्टिक खिलौने और गेम पीस बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:
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छोटे आकार के खिलौने 3–8 वर्ष के बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
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खेलते समय अभिभावक निगरानी अवश्य रखें।
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यदि बच्चा कोई वस्तु निगल ले और सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
मासूम तनिष्का की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा हर माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा में जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
