
सहारनपुर। जासूसी के गंभीर आरोपों में 17 साल की सजा पूरी करने वाले पाकिस्तानी नागरिक इकबाल भट्टी उर्फ देवराज सहगल को कड़ी सुरक्षा में सोमवार को अटारी बॉर्डर के लिए रवाना किया गया। कानूनी और कूटनीतिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मंगलवार दोपहर उसे पाकिस्तानी रेंजर्स के हवाले किया जाएगा।
पटियाला से हुई थी गिरफ्तारी
इकबाल भट्टी को 8 अगस्त 2008 को पंजाब के पटियाला से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास सेना से जुड़े संवेदनशील नक्शे पाए गए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह करीब एक वर्ष तक सहारनपुर के हकीकत नगर इलाके में देवराज सहगल नाम से रह रहा था। उसने फर्जी दस्तावेजों—वोटर आईडी, पैन कार्ड और राशन कार्ड—के आधार पर बैंक खाता भी खुलवाया था। दस्तावेजों की जांच के दौरान संदेह होने पर मामला उजागर हुआ और रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
दर्ज मुकदमे और जेल यात्रा
भट्टी के खिलाफ अधिकारिक गुप्त जानकारी अधिनियम (Official Secrets Act) की धारा 3 और विदेशी अधिनियम की धारा 14 समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। सजा सुनाए जाने के बाद सुरक्षा कारणों से उसे गौतमबुद्धनगर जिला जेल में रखा गया। कुल मिलाकर उसने जेल में लगभग 17 वर्ष बिताए। 22 मार्च 2025 को सजा पूरी होने पर उसे रिहा तो किया गया, लेकिन डिपोर्टेशन प्रक्रिया लंबित रहने के कारण उसे सहारनपुर डिटेंशन सेंटर में रखा गया।
उच्च सुरक्षा व्यवस्था में मेडिकल जांच और रवाना
सुरक्षा कारणों से गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के निर्देशानुसार पंजाब में दर्ज मामलों की रिपोर्ट मंगाई गई। सोमवार सुबह जिला अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें पूरे परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने मार्ग और समय की जानकारी गोपनीय रखी।
प्रशासन और इकबाल की प्रतिक्रिया
एएसपी मनोज यादव ने बताया कि इकबाल भट्टी के खिलाफ थाना सदर बाजार में चार मुकदमे दर्ज थे। गिरफ्तार होने के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया था। अब सजा पूरी होने और सभी औपचारिकताएं संपन्न होने के बाद उसे सीमा पार भेजा जा रहा है।
मेडिकल जांच के दौरान इकबाल ने खुद को निर्दोष बताया और आरोपों को झूठा करार दिया, लेकिन प्रशासन ने कहा कि कार्रवाई अदालत के फैसले और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की गई। मंगलवार दोपहर 12 बजे अटारी बॉर्डर पर कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
