
बर्लिन, 16 फरवरी 2026: जर्मनी ने खुलकर माना है कि यूरोप ने भारत और ब्राजील जैसे देशों को BRICS के सदस्य के रूप में देखकर गलत रणनीतिक अनुमान लगाया। जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूरोप अब इन उभरती शक्तियों के साथ साझा हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों को मान्यता दे रहा है।
वेडफुल ने बताया कि पिछली सोच के कारण यूरोप भारत और ब्राजील से दूर हो गया था। उन्होंने कहा, “पिछले वर्षों में हमने इन देशों को BRICS के सदस्य के रूप में देखा। इसका नतीजा यह हुआ कि हम उनसे अलग-थलग हो गए, जो रणनीतिक दृष्टि से गलत था। अब हमने समान हितों के क्षेत्रों को तेजी से पहचाना है और उनके साथ संबंधों को बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं।”
जर्मनी के विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस और चीन के साथ यूरोप के मौलिक मतभेद और भिन्नताएं कायम हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि भारत और ब्राजील जैसे देशों से दूरी बनाई जाए। वेडफुल ने जोर देकर कहा कि यूरोप अब BRICS फ्रेमवर्क की बजाय साझा हितों और समान मूल्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे भविष्य में यूरोप-भारत संबंध और मजबूत होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव यूरोप और भारत के बीच कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग को नया आयाम दे सकता है। जर्मनी का यह नया दृष्टिकोण यूरोप को एशिया और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक रूप से अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद करेगा।
